शनि का राशि परिवर्तन, शनि का वक्री होना, मार्गी होना ज्योतिष नजरिए से बहुत ही महत्वपूर्ण है। शनि 24 जनवरी को धनु से मकर राशि में जा रहे हैं। मकर राशि शनि की अपनी राशि है। ज्योतिष में शनि को न्याय और कर्म के हिसाब से लोगों को फल देने वाले देवता हैं। शनि के राशि बदलने से घर पर सुख-समृद्धि के लिए कुछ ज्योतिषी उपाय करना विशेष फलदायी होता है।
- शनि की कृपा पाने के लिए काली चीजों का दान करना शुभ रहेगा। शनि दोष से छुटकारा पाने के लिए शनिवार के दिन काली उड़द, काला तिल और सरसों, चमड़े का जूता और छाते का दान करना चाहिए।
- किसी खास मकसद से किसी काम को करते वक्त शनिदेव के दर्शन करना चाहिए। ऐसा करने से रास्ते में आ रही आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।
- घर के दरवाजे पर आए किसी गरीब व्यक्ति की सहायता जरूर करें।
- ज्योतिष के अनुसार, रात में सोने से पहले रसोई में भरी बाल्टी जरूर रखें।
शनि की साढ़ेसाती
जब शनि का गोचर किसी एक राशि में होता है तो शनि उस राशि में ढाई साल तक रहते हैं। ढाई साल के बाद ही शनि का राशि परिवर्तन दूसरी राशि में होता है। शनि जिस राशि में गोचर करते हैं तो राशि क्रम के हिसाब से उस राशि के आगे और पीछे वाली राशि पर भी अपना असर डालते हैं। इस तरह से शनि एक राशि पर साढ़े सात साल तक रहते हैं। इस साढ़े सात साल के समय को ही शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है। फिर जैसे-जैसे शनि आगे बढ़ता है साढ़ेसाती उतरती जाती है।