मातृत्व दिवस के अवसर पर रविवार को पटना के होटल चाणक्या में बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन और पटना ऑर्थोपेडिक सोसाइटी की ओर से एक अनोखे सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि वैज्ञानिक सत्रों में वक्ता के रूप में डॉक्टरों की पत्नियों ने भाग लिया और स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर जनउपयोगी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल चिकित्सा चर्चा तक सीमित नहीं था, बल्कि परिवार, समाज और स्वास्थ्य जागरूकता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी था। इसमें सौ से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया। आयोजन बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमूल्य कुमार सिंह, सचिव डॉ. रितेश रूनू तथा पटना ऑर्थोपेडिक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. जीवेंदु चौधरी और सचिव डॉ. अर्णब सिन्हा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. बशीर आलम और डॉ. कैप्टन विजय शंकर सिंह ने किया। इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. आर. एन. सिंह, डॉ. एस. एस. झा और डॉ. रंजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।
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सम्मेलन में विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर सरल और उपयोगी जानकारी दी गई। त्वचा रोग, खेल के दौरान होने वाली समस्याएं, दांतों की देखभाल, ऑटिज्म, दर्द प्रबंधन, कमर दर्द, प्रजनन क्षमता, स्तन कैंसर और हृदय रोगियों की सर्जरी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, समय पर जांच और मानसिक तनाव से दूरी कई गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को दवाओं पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय बचाव और जागरूकता पर अधिक ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और पारिवारिक माहौल ने इसे अन्य चिकित्सा सम्मेलनों से अलग पहचान दी। समापन के दौरान उपस्थित चिकित्सकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में इस तरह के बहु-विषयक और परिवार आधारित आयोजन समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में काफी प्रभावी साबित होंगे।