बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल ने नीतीश-सम्राट सरकार की हालिया अधिसूचनाओं को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए पूछा है कि क्या राज्य में उपमुख्यमंत्रियों के पद गुपचुप तरीके से छीन लिए गए हैं?
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नाम के साथ पद का नाम क्यों नहीं?
राजद के प्रवक्ता एजाज अहमद ने मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी दो अलग-अलग अधिसूचनाओं का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उन्होंने बिहार सरकार से पूछा है कि आखिर सच क्या है? एजाज अहमद ने कहा कि 15 अप्रैल की अधिसूचना में विजय चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव का नाम उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ अन्य विभागों के मंत्री के रूप में दर्ज था, लेकिन 07 मई की अधिसूचना में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जारी की गई नई सूची में इन दोनों नेताओं के नाम के आगे से उपमुख्यमंत्री शब्द गायब हैं। राजद ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि विजय चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव के नाम के साथ सिर्फ मंत्री क्यों लिखा गया है?
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राजद का सरकार से सीधा सवाल
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार को इस भ्रम की स्थिति को तुरंत स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को यह बताना चाहिए कि यह कैसा मंत्रिमंडल विस्तार है जिसमें अपनों के ही पर कतर दिए गए? जब सरकार के भीतर मंत्रियों के पद सुरक्षित नहीं हैं और उनके साथ ही खेला हो रहा है, तो आम जनता के हितों की रक्षा कैसे होगी?"
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जनता मांग रही जवाब
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार की जनता यह जानने को उत्सुक है कि क्या विजय चौधरी और विजेंद्र यादव अब आधिकारिक तौर पर उपमुख्यमंत्री पद से मुक्त कर दिए गए हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि यह विसंगति सरकार के भीतर चल रही खींचतान और अस्थिरता का प्रमाण है।