केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) बोर्ड परीक्षाओं के दौरान दी जाने वाली काउंसलिंग सेवाओं को विस्तार करने में जुट गया है। बोर्ड ने इसके लिए खासतौर से अपने अंतर्गत आने वाले सोलह हजार स्कूलों को पत्र लिखकर फीडबैक मांगा है, जिससे इसका विस्तार करके बोर्ड परीक्षाओं के साथ दूसरे छात्रों के लिए यह मददगार साबित हो।
बोर्ड इस तैयारी में है कि इसके जरिए वह छात्रों की मैपिंग कर उनकी ज्यादा मदद कर सके। स्कूलों को बोर्ड की ओर से जो पत्र भेजा गया है उसमें उन्हें बताया गया है कि उन्हें अपने विचार एक प्रश्नावली के जरिए देना है।
यह प्रश्नावली ऑनलाइन उपलब्ध है। जिसके माध्यम से काउंसलिंग सेवा को लेकर स्कूलों से उनके विचार और सुझाव देने के लिए कहा गया है। बोर्ड का कहना है कि इसका मकसद सुधार की कवायद को आगे ले जाना है। इससे अलग-अलग विचारों को लेकर हमे उसे बेहतर बनाने पर काम करेंगे।
सीबीएसई की जनसंपर्क अधिकारी रमा शर्मा के मुताबिक हम विद्यार्थियों को न सिर्फ विशेषज्ञ शिक्षकों, मनोवैज्ञानिकों की मदद से काउंसलिंग केजरिए न शैक्षणिक व मनोवैज्ञानिक दोनों मोर्चे पर सहायता देते है। ये सेवा पूरी तरह से मुफ्त होती है।
सभी विशेषज्ञ भी अपनी सेवाएं निशुल्क देते है। उन्होंने बताया कि बोर्ड की ओर से स्कूलों को काउंसलिंग सेवा की मैपिंग के उद्देश्य से भेजी गई प्रश्नावली ऑनलाइन उपलब्ध है। स्कूलों को आगामी 20 मई तक अपने जवाब देने है।
बताते चले कि सीबीएसई 1998 से काउंसलिंग की सेवा उपलब्ध करा रहा है। ये सेवा विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के दौरान दो चरणों में मिलती है। पहला बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों की तैयारी में मदद के लिए दी जाती है, जबकि दूसरा चरण परीक्षा परिणाम आने के बाद आयोजित किया जाता है। दोनों ही चरण में छात्रों को तैयारी में मदद करने के साथ परिणाम आने पर निराशा व भविष्य की राह दिखाने में मददगार साबित होता है।