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इन्तहा हो गई, इंतज़ार की...स्ट्रेचर पर डेढ़ माह से डॉक्टर के इंतजार में मरीज बेहाल

आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 15 Apr 2017 09:29 AM IST
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चंडीगढ़ का पीजीआई अस्पताल
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पीजीआई में मरीजों को इंतजार करना आम बात है, लेकिन गंभीर मरीजों को भी घुट-घुटकर डाक्टरों की राह देखनी पड़े तो गंभीर चिंता की बात है। पीजीआई ट्रामा वार्ड के डिजास्टर वार्ड में कई गंभीर मरीज दाखिल हैं। इनमें से कई मरीज डेढ़ माह से आपरेशन का इंतजार कर रहे हैं। मरीजों का आरोप है कि सीनियर डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आते। सिर्फ जूनियर डाक्टर ही देखते रहते हैं। सबके सब गंभीर मरीज हैं। कई की तो हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। लेकिन उनकी सुध नहीं ली जा रही। इलाज नहीं मिलने से ट्रामा सेंटर में भीड़ भी बढ़ती जा रही है।
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सात मार्च से वार्ड में दाखिल हैं
हिमाचल के हुकुमचंद ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर की शिकायत पर उन्होंने अपनी पत्नी को पीजीआई में सात मार्च को दाखिल कराया। 17 मार्च को एक आपरेशन हुआ था। डाक्टरों ने कहा कि एक और आपरेशन होना है, लेकिन उसके बाद से किसी ने सुध नहीं ली।  

सारा परिवार डिजास्टर वार्ड में है। खाना पीना लंगर से चलता है। उनका कहना है कि यदि वे यहां से चले गए तो दोबारा से दाखिला मिलना मुश्किल होगा। इंतजार में उनकी पत्नी की हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है।
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सांस टूट रही
पंजाब के मानसा के रहने वाले गुरजंट सिंह ने बताया कि ब्रेन में दिक्कत आने पर उन्होंने अपने भतीजे को 8 मार्च को पीजीआई में दाखिल कराया था। 14 मार्च को डाक्टरों ने उनसे आपरेशन का सामान मंगवाया, लेकिन बाद में वापस कर दिया। कहा कि आपरेशन की दोबारा से तारीख देंगे, तब से लेकर आज तक गुरजंट सिंह डाक्टर की राह तक रहे हैं। भतीजे की हालत रोज बिगड़ रही है। सोमवार से उसकी सांस भी टूट रही है। ऐसा लग रहा है कि यदि जल्द ही इलाज नहीं मिला तो उसकी जान भी जा सकती है।

प्लेट के स्क्रू टूटे, हाथ भी काम करना बंद हुआ
हिमाचल के ही एक पेशेंट विवेक के हाथ में प्लेट डाली गई थी। अब उसके स्क्रू अंदर ही टूट गए हैं। इससे उनके हाथ ने काम करना बंद कर दिया है। वे 14 मार्च से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें दाखिल नहीं कर थे।

पिछले हफ्ते किसी तरह से दाखिल हो गए, लेकिन आपरेशन कब होगा, पता नहीं। वे भी स्ट्रेचर पर लेटे हैं। डाक्टर उन्हें कह रहे हैं कि जब वक्त मिलेगा, तब आपरेशन कर देंगे।

PGI में ईलाज लंबा क्यों?

पीजीआई
ये हैं वजहें
1.इमरजेंसी की ओटी का खराब होना।
2.जूनियर डाक्टरों को ओटी न देना
3.मनमर्जी से आपरेशन की लिस्ट तैयार करना।
4.पूरे पीजीआई में नौ से ज्यादा ओटी का बंद होना।

डायरेक्टर ने मांगी है रिपोर्ट
पिछले हफ्ते डायरेक्टर प्रोफेसर जगत राम ने ट्रामा सेंटर का दौरा किया तो उस दौरान उन्होंने कुछ ऐसे मरीज से मुलाकात की, जो पिछले कई दिनों से ट्रामा वार्ड में है। उन्होंने संबंधित डाक्टरों से इलाज में हो रही देरी की रिपोर्ट तलब की है। प्रोफेसर जगत राम का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद वे कुछ कमेंट करेंगे। एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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