स्थानीय निकाय विभाग पंजाब के लोगों को एक तोहफा देने जा रहा है। जल्द ही लोग घर बैठे अपने घरों और अन्य इमारतों के नक्शे ऑनलाइन पास करवा सकेंगे। लोगों को नगर निगमों और काउंसिलों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने विभाग में ई-गवर्नेंस को पूरी तरह लागू करने की कवायद शुरू कर दी है। इस कड़ी में बिल्डिंग प्लान की ऑनलाइन अप्रूवल भी है।
निकायों में सबसे ज्यादा परेशानी नक्शे पास करवाने में ही आती है। लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। रिश्वत देने के बाद ही नक्शे मंजूर होते हैं। उसके बाद ही वे अपने घरों का निर्माण शुरू करवा पाते हैं। इसमें लोगों का समय और पैसा, दोनों बर्बाद होते हैं। लोगों को इससे बचाने के लिए निकाय विभाग ने बिल्डिंग प्लान की अप्रूवल ऑनलाइन करने की योजना बनाई है।
अधिकारियों के मुताबिक, एक हफ्ते के अंदर इसके लिए निजी कंपनियों से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल मांगा जाएगा। पूरी प्रक्रिया के तहत योग्य कंपनी का चयन किया जाएगा। सबसे अहम काम नक्शों की मंजूरी के लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार करने का है, जिसमें समय लगता है। सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद करीब दो माह तक ट्रायल होगा। उसके बाद यह सेवा लोगों के लिए उपलब्ध होगी। इसमें आवेदन के बाद लोगों को मैसेज और ई-मेल के जरिए उनके आवेदन के स्टेटस की जानकारी दी जाएगी।
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आंध्र मॉडल स्टडी करेगा विभाग
ऑनलाइन अप्रूवल को स्थानीय निकाय विभाग ने शुरू की प्रक्रिया
- फोटो : Demo Pic
देश में सबसे पहले आंध्र प्रदेश ने नक्शे ऑनलाइन मंजूर करने की प्रक्रिया शुरू की है। निकाय विभाग वहां का मॉडल भी स्टडी कर रहा है। वहां डेवलपमेंट परमिशन मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल तैयार किया गया है। जिसमें अपना जिला और निकाय भरने के बाद एक और विंडो खुलती है, जहां आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन फीस जमा करने के बाद लोगों को आवेदन का स्टेट ईमेल और मैसेज के जरिए बताया जाता है।
अटल मिशन में करना है जरूरी
पंजाब के 16 शहरों में लागू अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) के तहत निकाय विभाग में ई-गवर्नेंस लागू करना अनिवार्य है। पंजाब में यह मिशन अमृतसर, पठानकोट, बटाला, होशियारपुर, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना, मोहाली, खन्ना, मलेरकोटला, पटियाला, बरनाला, बठिंडा, मुक्तसर व अबोहर में लागू है।
इसके तहत ई-गवर्नेंस निकाय विभाग में समयबद्ध तरीके से करना है। बिल्डिंग प्लान का ऑनलाइन अप्रूवल भी उसी का हिस्सा है। यह लागू करने के बाद पंजाब को केंद्र सरकार द्वारा सालाना बजट का दस फीसदी इंसेंटिव के तौर पर दिया जाएगा।