राजीव कालोनी की झुग्गी और एक कमरे के मकान में रहने वाले लोगों को बिजली निगम ने हजारों का बिल भेज दिया। झुग्गी वाले एक व्यक्ति को 11 हजार तो एक कमरा में रहने वाले को 57 हजार से ज्यादा का बिल भेजा गया।
यही मुश्किल कई लोगों की थी। शुक्रवार को सभी एकजुट होकर बिजली निगम के दफ्तर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिलों में संशोधन नहीं किया गया तो दफ्तर का घेराव करेंगे।
पीड़ितों के साथ पहुंचे हजकां के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दलवीर वाल्मीकि ने कहा कि जिन घरों में कभी एक पंखा और कभी एक बल्ब जलता है, उन्हें भी हजारों का बिल भेज दिया गया है।
मौके पर मौजूद केदारनाथ, शियाराम, संतराम, कबाड़ी, महावीर, राजेश और फतेह चंद ने इसे बिजली निगम की लापरवाही बताया।
कुछ दिनों पहले इंदिरा कालोनी में रहने वाले निशक्त राजू के घर का बिल भी हजारों में आया था, जिसकी शिकायत के बावजूद बिल में बदलाव नहीं किया गया।
राजीव कालोनी निवासी वीरपाल ने कहा कि उसकी झुग्गी का बिल 11 हजार रुपये से अधिक का आया है, लेकिन संशोधन नहीं किया गया। वहीं, शियाराम के एक कमरे का बिल 57 हजार, 370 रुपये आया है।
उधर, मौके पर मौजूद अधिकारी जसमीर कोहड़ ने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द बिजली के मीटरों की जांच कराई जाएगी। अगर इसमें कोई कमी पाई गई तो बिजली के बिलों में संशोधन भी किया जाएगा।
बिल नहीं भरा, कट गया कनेक्शन
बुजुर्ग चंपा देवी ने कहा कि उन्हें भी बहुत ज्यादा बिल भेजा गया था। नहीं भर सकीं तो कनेक्शन काट दिया गया। अब तो दिन में भी घर में अंधेरा होेने की वजह से मोमबत्ती जलानी पड़ती है।