गवर्नमेंट टीचर यूनियन ने शिक्षामंत्री द्वारा शिक्षकों के तबादलों पर 31 मार्च-14 तक रोक लगाने के फैसले को हास्यास्पद बताया है। जीटीयू की मीटिंग में प्रधान करनैल सिंह संधू ने कहा कि मई से विधवा, कुंवारी, नव-विवाहिता, अंगहीन शिक्षक तबादलों की अर्जी देकर बदली का इंतजार कर रहे थे।
परंतु शिक्षा विभाग ने ऐसे जरूरतमंद शिक्षकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तबादलों की पारदर्शी नीति न होने के कारण जरूरतमंद पर ऊपर तक पहुंच न रखने वाले टीचरों को मायूस होना पड़ता है। जबकि, ऊंची पहुंच रखने वाले अपने मनमर्जी के तबादले करा लेते हैं।
उन्होंने कहा कि मई से चल रही तबादला प्रक्रिया के बाद भी जरूरतमंद शिक्षकों को खाली पड़े स्कूलों में तबदील नहीं किया जा सका। उन्होंने मांग की नियमों को दरकिनार कर हुए तबादलों की जांच करके उन्हें रद्द किया जाएगा।
साथ ही मेरिट के आधार पर तबादले किए जाएं। वरना जीटीयू संघर्ष छेड़ेगी। इस मौके पर शिव कुमार, कुलदीप सिद्धू, सुरजीत सिंह, जसमेर सिंह, हरनेक मावी भी मौजूद थे।