ट्रेनों मेें चलने वाले जीआरपी के सुरक्षाकर्मियों की लोकेशन अब अफसरों तक पल-पल आती रहेगी। जीआरपी के 60 सुरक्षाकर्मियों को सीयूजी सिम जारी की जाएगी। वह पल-पल जीआरपी के कंट्रोल रूम के संपर्क में रहेंगे। इससे सुरक्षाकर्मियों की हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम सर्विलांस के जरिए नजर रखेगा।
अभी तक लंबी दूरी की ट्रेनों में जीआरपी सुरक्षाकर्मी होने के बाद भी आपराधिक घटनाएं लगातार हो रही हैं। जब तक सुरक्षाकर्मियों को इसकी जानकारी मिलती है तब तक बदमाश इनकी पकड़ से दूर निकल चुके होते हैं। इसी को देखते हुए जीआरपी ने ट्रेन में ड्यूटी करने वाले सुरक्षाकर्मियोें को सीयूजी सिमें देने का फैसला किया है। जवान कुछ करें या न करें। हर दस से पन्द्रह मिनट तक सिमकार्ड अपने आप कंट्रोल रूम में मेसेज भेजता रहेगा। अफसरों का मानना है कि इससे सुरक्षाकर्मियों की मनमानी और लापरवाही पर लगाम लग सकेगी। दरअसल, पहले घटना की सूचना मिलने पर सुरक्षाकर्मी मौके पर नहीं जाते थे और सूचना देना भी उचित नहीं समझते थे। पर्सनल सिम होने के कारण ट्रेकिंग भी नहीं हो पाती थी और झूठ बोलकर यह आसानी से बच निकलते थे। इस सिस्टम को इतना हाईटेक किया गया है कि पल-पल की जानकारी अब कंट्रोल में सुरक्षाकर्मियों की मिलती रहेगी। इस नंबर पर ट्रेन के पहले से आखिरी स्टेशन तक संपर्क किया जा सकेगा।
ये मिल रहीं थीं शिकायत
- ड्यूटी के दौरान सिपाही अपना खर्च बचाने के लिए कॉल करने से कतराते थे।
- सुरक्षाकर्मी ड्यूटी करने ट्रेन में सवार तो होते थे, लेकिन कई अगले स्टेशन पर भी उतर जाते थे।
- सुरक्षाकर्मियों का नंबर स्थायी नहीं होने से ट्रेन में तैनात गार्ड, टीटी से संपर्क भी नहीं कर पाते थे।
- नंबर न होने के कारण जीआरपी व आरपीएफ कर्मियों में नहीं हो पाता था तालमेल।
ये हो रहा बदलाव
- सुरक्षाकर्मी असलहे की तरह सिम कार्ड रिसीव करेंगे और ड्यूटी ऑफ होने पर जमा भी करेंगेे।
- हर 10 से 15 मिनट में सिम कार्ड लोकेशन ट्रेस कर कंट्रोल रूम में भी भेजता रहेगा।
- तीन महीने तक रिकार्ड सुरक्षित रहेगा, ताकि सुरक्षाकर्मी झूठ न बोल सके।
- घटना होने पर सुरक्षाकर्मी किसी भी तरह की हीलाहवाली भी नहीं कर सकेंगे।
बनी रहेगी पारदर्शिता
ड्यूटी में पारदर्शित बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। सुरक्षकर्मी किसी भी प्रकार का संवाद आलाअफसरों और कंट्रोल से कर सकेंगेे। जल्द ही इन सीयूजी नंबरों का स्टेशन पर प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा।
डा. ओम प्रकाश सिंह
पुलिस अधीक्षक - रेलवे