देहरादून। छोटा आशियाना बनाने की चाहत रखने वालों के लिए अच्छी खबर। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) दून में मकान बनाने के लिए 60 वर्ग मीटर प्लाट की बाध्यता खत्म करने जा रहा है। राजधानी में जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में मध्यम वर्गीय लोगों के लिए बड़ा प्लाट खरीद पाना संभव नहीं। लेकिन 60 वर्ग मीटर से कम का प्लाट खरीदने पर मानचित्र पास नहीं होता। ऐसे में संबंधित निर्माण को अवैध श्रेणी में मान लिया जाता है। कई बार तो सीलिंग तक कर दी जाती है। इससे लोगों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखकर एमडीडीए 60 वर्ग मीटर की बाध्यता खत्म करने की तैयारी में है। आगामी बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाना है। प्रस्ताव पारित होने पर दून के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।
आयुक्त गढ़वाल भी कर चुके हैं पहल
एमडीडीए की ओर से छोटे मकानों को सील करने के आदेश दिए जाते हैं। ऐसे कई मामलों में लोग स्टे के लिए आयुक्त क पास पहुंचे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त गढ़वाल ने भी एमडीडीए अधिकारियों को 60 वर्ग मीटर की बाध्यता खत्म करने को कहा था।
बायलॉज बना छलावा
भाजपा सरकार की ओर से वर्ष 2011 में लागू नया बिल्डिंग बायलॉज मध्यम और निचले श्रेणी के लोगों के लिए महज छलावा साबित हुआ। तब 75 वर्ग मीटर की बाध्यता को घटाकर साठ किया गया। लेकिन इसमें सेट बैक छोड़ने का प्रावधान होने से लोगों की जमीन कम पड़ गई।
18 को बोर्ड बैठक
एमडीडीए की बोर्ड बैठक 18 दिसंबर को होगी। पहले यह बैठक दस दिसंबर को होनी थी। इन दिनों विधानसभा सत्र के चलते बोर्ड के अधिकतर सदस्य व्यस्त हैं। इसे देखते हुए तिथि परिवर्तित की गई है।
शहर के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर 60 वर्ग मीटर की बाध्यता खत्म करने की तैयारी है। बोर्ड की सहमति के बाद इसे लागू करने की कोशिश की जाएगी।
-आर मीनाक्षी सुंदरम एमडीडीए वीसी