देहरादून। बहुमंजिला होटल सॉलिटेयर में लगी भीषण आग में दस लोगों की जान करीब डेढ़ घंटे तक फंसी रही। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाकर सबको सुरक्षित निकाल लिया। आग लगने की वजह बिजली पैनल में लगे यूपीएस में शार्ट सर्किट बताई जा रही है। आग से होटल के तीन तल राख हो गए।
हरिद्वार बाईपास रोड स्थित होटल में मंगलवार दोपहर सवा 12 बजे दूसरी मंजिल पर रखे यूपीएस में शार्ट के बाद आग लग गई। होटल में फायर अलार्म बजने के साथ ही बिजली गुल हो गई। यह देख होटल के कर्मचारियों और वहां ठहरे लोगों में भगदड़ मच गई। इस बीच आग तीसरी-चौथी मंजिल तक बढ़ गई थी। निचली मंजिलों पर ठहरे लोग और कर्मचारी बाहर भाग निकले। लेकिन, दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल के कमरों में ठहरे दस लोग फंसे रह गए। इनमें तीन कर्मचारी भी शामिल थे। साथ एक विदेशी पर्यटक के होने की भी सूचना थी, लेकिन यह गलत साबित हुई।
सूचना पर विधानसभा पर तैनात मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंदन सिंह जीना तीन दमकल वाहनों संग मौके पर पहुंच गए। दमकल कर्मियों ने डेढ़ घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। पटेलनगर के इंड्रस्ट्रीयल एस्टेट के रहने वाले तरुण चड्ढा अपनी बीवी के साथ हनीमून मनाने के लिए होटल में ठहरे हुए थे। तीन दिन पहले ही उनकी शादी हुई थी। एक युवती को तीसरी मंजिल से सीढ़ी के सहारे निकाला गया। डीआईजी संजय गुंज्याल, एसएसपी केवल खुराना ने वहां पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। फायर कर्मियाें और एसओजी ने एक-एक कमरे को खोलकर देखा। कमरों में किसी के न मिलने पर राहत की सांस ली।
सुबह ही निकली थीं मेनका
भाजपा सांसद मेनका गांधी पीपुल फॉर एनिमल्स के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दो दिन पूर्व दून आई थीं। सोमवार रात गांधी होटल सॉलिटेयर में ही ठहरी थीं। लेकिन, हादसे से करीब एक घंटे पूर्व ही वह और उनके साथ आया दल दिल्ली के लिए रवाना हो गया था। इसके अलावा कई अन्य यात्री भी सुबह ही चेकआउट कर गए थे। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त होटल में 16 मुसाफिर ठहरे हुए थे। इनके अलावा 23 कर्मचारी मौजूद थे।