न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 20 Apr 2019 10:31 AM IST
उत्तराखंड के सभी वाहनों के प्रदूषण की जांच होगी। देश में साल दर साल प्रदूषण के बढ़ते स्तर से चिंतित केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों के परिवहन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे अपने यहां ‘वाहन फोर सॉफ्टवेयर’ के जरिए वाहनों के निगरानी तंत्र को मजबूत करें। सुनिश्चित कराया जाए कि राज्य के सभी वाहनों के प्रदूषण की जांच की जाए। मंत्रालय के निर्देश पर परिवहन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि मंत्रालय के निर्देश पर प्रदेश के सभी 100 प्रदूषण जांच केंद्रों को ‘वाहन फोर सॉफ्टवेयर’ से उच्चीकृत किया जा रहा है। साथ ही कंप्यूटरों में बदलाव किया जा रहा है। सभी जांच केंद्राेें को आपस में जोड़ने के साथ ही मुख्यालय से भी जोड़ा जा रहा है। ताकि मुख्यालय में बैठे अधिकारी एक क्लिक के साथ जानकारी हासिल कर सके कि राज्य में कितने वाहनों के प्रदूषण की जांच हो चुकी है और कितने की जांच होना बाकी है। जांच तंत्र विकसित करने पर केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी भी दिल्ली में बैठकर वाहनों की पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे।
27 लाख वाहन, जांच को 100 प्रदूषण जांच केंद्र
परिवहन विभाग के आंकड़ाें पर नजर डालें तो राज्य में वर्तमान में 27 लाख छोटे-बड़े वाहन हैं। इनकी जांच के लिए राज्य में महज 100 केंद्र खोले गए हैं। अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह का कहना है कि सभी जिलों में जल्द अतिरिक्त प्रदूषण जांच केंद्र खोले जाएंगे। इस संबंध में सभी आरटीओ और एआरटीओ से प्रस्ताव मांगेे जा रहे हैं।