अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सरकारी सिस्टम सफाई तथा बारिश में आए मलबे के ढेरों को उठवाने की वैकल्पिक व्यवस्था करने में नाकाम रहा। धर्मनगरी में फैली गंदगी देखकर यात्री परेशान रहे।
मेयर पर हुए हमले के विरोध में निगम कर्मियों के हड़ताल पर जाने से हरकी पैड़ी, सुभाषघाट जैसे स्थानों पर सिल्ट तथा कूड़ा शुक्रवार को जस का तस फैला रहा। प्रशासन ने इसकी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की। मेयर मनोज गर्ग व प्रेमनगर आश्रम का अतिक्रमण हटाने गए मेयर और उनके समर्थकों तथा सतपाल महाराज के अनुयायियों की बीच बृहस्पतिवार को हुए संघर्ष के बाद शाम पांच बजे तक यह लगने लगा था कि शुक्रवार को नगर निगम कर्मचारी हड़ताल करेंगे। इसके बाद भी अधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था कराने में नाकाम रहे। कूड़ा निस्तारण के लिए अनुबंधित कंपनी केआरएल के प्रतिनिधियों तक से अतिरिक्त कर्मचारी तथा गाड़ियां लगाकर कूड़ा उठवाने के लिए बात तक नहीं की गई। यदि कोशिश की गई होती तो केआरएल कर्मियों को नगर निगम कर्मियों के समर्थन में हड़ताल पर जाने से रोका जा सकता था। काबीना मंत्री व मेयर समर्थकों के संघर्ष के बीच ही नगर आयुक्त अशोक पांडेय का स्थानांतरण होने से उन्होंने भी हथियार डाल दिए। हालांकि उनका दावा है कि केआरएल के स्थानीय प्रतिनिधियों को नियमित कूड़े के साथ बारिश की सिल्ट भी उठाने के लिए कहा गया, परंतु उनके कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए। ऐसे में कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया है।