हड़ताल खत्म करने के मुद्दे पर एकराय नहीं छात्र
वार्ता के बाद भी प्रशासनिक भवन के समक्ष धरने पर बैठे रहे
एनआईटी प्रशासन का दावा-बुधवार से चलेंगी कक्षाएं
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर के निर्माण की मांग को लेकर आठ दिन से चली रही विद्यार्थियों की हड़ताल खत्म होने का दावा एनआईटी प्रशासन तो कर रहा है लेकिन संस्थान के प्रशासनिक भवन के प्रागंण में देर शाम तक कई छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे रहे।
एनआईटी उत्तराखंड के छात्र 20 अगस्त को अचानक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। छात्रों को मनाने निदेशक और एचआरडी के अनुसचिव के. राजन यहां पहुंचे, लेकिन छात्र कैंपस शिफ्टिंग का लिखित आश्वासन चाह रहे थे। इसके चलते कई दौर की वार्ता के बावजूद हड़ताल खत्म नहीं हुई। राजन चार दिन से यहीं डेरा डाले हुए थे।निदेशक सतीश कुमार भी पुन: यहां पहुंच गए। रविवार को डीएम सुशील कुमार और एसएसपी जगतराम जोशी भी छात्रों से वार्ता करने पहुंचे। उन्होंने छात्रों से कहा कि कैंपस कहां बनेगा यह सोचना छात्रों का काम नहीं है। उनकी जो समस्याएं हैं, उनको दूर किया जा रहा है। इसलिए वह हड़ताल खत्म कर दें।
इसके बाद एनआईटी उत्तराखंड का अतिरिक्त प्रभार देख रहे एनआईटी कुरुक्षेत्र के निदेशक पदमश्री डा. सतीश कुमार और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के प्रतिनिधि अनुसचिव के राजन से छात्रों के डेलीगेट की वार्ता हुई। इसमें दोनों अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि संस्थान और एचआरडी स्थायी परिसर भूमि आवंटन के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित करेगा। अस्थायी कैंपस में सुविधाओं को अतिशीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा। वार्ता के बाद एनआईटी की सहायक कुलसचिव डा. विनीता नेगी ने कहा कि वार्ता में शामिल छात्रों ने हड़ताल वापस लेने की बात कही है। संस्थान में सोमवार और मंगलवार को अवकाश रहेगा। बुधवार से कक्षाएं चलेंगी। वहीं, कई छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे रहे। छात्र हड़ताल खत्म करने के मुद्दे पर एकमत नहीं है। खबर लिखे जाने तक संस्थान की फैकल्टी धरने पर बैठे छात्रों को मनाने में जुटी हुई थी।