अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भ्रष्टाचार के लिए बदनाम हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) अब पारदर्शिता की खुली किताब बनने जा रहा है। अक्तूबर से वह उत्तराखंड की पहली ऐसा प्राधिकरण में अपना नाम शुमार करने की तैयारी में हैं जिसके कोर्ट केस भी ऑनलाइन हो जाएंगे।
एचआरडीए के सचिव वंशीधर तिवारी का दावा है कि वीसी के निर्देश पर कोर्ट केस ऑनलाइन करने की पूरी तैयारी चल रही है और अक्तूबर में इसकी शुरूआत हो जाएगी। उन्होंने बताया इससे एचआरडीए के सिविल न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय तक के कोर्ट केसों की अपडेट की जानकारी लोगों को घर बैठे ही मिल जाएगी। किसी केस में एचआरडीए के पक्ष की जानकारी भी लोगों को मिल जाएगी। वादकारी से प्राधिकरण को कुछ कहना व जानकारी लेने होगी तो वह उसकी जानकारी भी ऑनलाइन हो जाएगी। सचिव वंशीधर तिवारी ने बताया कि एचआरडीए में भवन मानचित्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा जुलाई में शुरू हो चुकी थी। डिजिटिलाइजेशन की प्रक्रिया को और आगे बढ़ाते हुए एचआरडीए अब कोर्ट केसों को भी अक्तूबर से ऑनलाइन करने जा रहा है। इसके साथ ही प्राधिकरण पुरानी फाइलों को भी फाइल नंबर सहित वर्षवार स्कैन कराने जा रहा है। इससे सूचना का अधिकार के अंतर्गत सूचनाएं उपलब्ध कराने में सुविधा होगी और कोई फाइल देखना चाहेगा तो आसानी देख सकेगा। एचआरडीए को खुली किताब बनाने के लिए आफिस मैंनेजमेंट को भी पारदर्शी किया जा रहा है। प्राधिकरण की गाड़ियों के रखरखाव की अपडेट भी ऑनलाइन की जा रही है। जिसका मतलब यह है कि गाड़ी में टायर-ट्यूब कब डाले गए और कितने दिन चले हैं। गाड़ी का कब-कब क्या मैंटीनेंस कराया गया की जानकारी भी ऑनलाइन की जा रही है।