श्रीनगर। जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारियों की वजह से केंद्रीय गढ़वाल विवि चर्चाओं में है। दो-दो जगह से वेतन/पेंशन लेने से जहां विवि के वित्त अधिकारी डा. पद्माकर मिश्र पर उंगली उठी हैं, वहीं, कुलसचिव डा. एके झा की कार्यशैली पर विवि की कार्य परिषद (इसी) ने सवाल उठाए हैं। हैरत की बात है कि कुलसचिव ने विवि के साथ नियुक्ति अनुबंध पर हस्ताक्षर तक नहीं किए हैं।
विवि की वेबसाइट में ईसी बैठक का कार्यवृत्त अपलोड किया गया है। यह बैठक गत जून में हुई थी। कार्यवृत्त में विवि के कुलसचिव डा. झा के कार्यशैली और आचरण के मुद्दे को प्रमुखता से शामिल किया गया है। डा. झा ने मई 2015 में विवि में कुलसचिव के पद पर ज्वाइन किया था। ईसी में चर्चा हुई कि कुलसचिव के कामकाज और प्रदर्शन में सुधार नहीं हो रहा है। बार-बार कार्यसुधार का अनुरोध किए जाने के बाद भी उनकी कार्यशैली में बदलाव नहीं हुआ है। इसके अलावा उन्होंने अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं किए।
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कार्यवृत्त के अनुसार, सदस्यों ने फिलहाल उन्हें अगली ईसी की बैठक तक का मौका देते हुए उनके कामकाज की मॉनीटेरिंग और मूल्यांकन के लिए कुलपति प्रो. जेएल कौल को अधिकृत किया है। यह समिति अगली बैठक में कुलसचिव के कार्यों की स्थिति बताएगी। इसके अलावा कुलसचिव को अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के भी निर्देश दिए गए। कुलसचिव डा. झा का कहना है कि अनुबंध के संबंध में कार्य परिषद को लिखित रूप से अवगत करा दिया गया है। जो कार्यवृत्त वेबसाइट में अपलोड किया गया है। वह एप्रुव नहीं है। इसमें सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं।