अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
सिंचाई विभाग की ओर से नहर पटरी पर बैरिकेटिंग लगाकर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक दी गई है। अब तक कोटद्वार और नजीबाबाद की ओर से निजी और रोडवेज बसें नहर पटरी होकर हरिद्वार आ रही थी। उधर, दो माह बाद भी कोटावाली नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने पर कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं तलाशा गया है। नदी में रपटा बनाने का काम भी शुरू नहीं किया गया है।
हरिद्वार- कोटद्वार मार्ग पर अब बड़े वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लग गई है। अब तक हरिद्वार के चंडी पुल के समीप ही बैरिकेटिंंग लगाकर बड़े वाहनों को रोका जा रहा था। पूर्वी गंगा नहर की पटरी मार्ग से वाहरी वाहनों का संचालन पुलिस प्रशासन रोकने में असफल रहा था। जिसके बाद सिंचाई विभाग ने मार्ग की जीर्णशीर्ण हालत को देखते हुए स्वयं चिड़ियापुर और समीरपुर में बैरिकेटिंग लगा बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीएस यादव का कहना है कि नहर की पटरी भारी वाहनों से क्षतिग्रस्त हो गई है। हरिद्वार और बिजनौर प्रशासन को पत्र देकर पहले ही बड़े वाहनों की आवाजाही रोकने को कह दिया गया था, लेकिन बिजनौर की ओर से बसों का आना जारी था।
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सुरक्षा की दृष्टि से चिड़ियापुर और समीपुर में बैरिकेटिंग लगा दी गई है। कोटावाली नदी में रपटा बनाने की कवायद चल रही है। जिसके लिए सर्वे कराया गया है और इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलने पर एक माह में ही रपटे का निर्माण किया जाएगा।- नरेंद्र कुमार, परियोजना निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग