गोपेश्वर। स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के बगैर हेपेटाइटिस के टीके लगाने पहुंची एक स्वयंसेवी संस्था के कार्यकर्ताओं को लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करना महंगा पड़ गया। पुलिस ने लोगों की शिकायत पर संस्था के स्वास्थ्य शिविर को बंद करवाकर दवाइयां और स्वास्थ्य उपकरण जब्त कर दिए। साथ ही टीम लीडर से पुलिस ने पूछताछ भी की।
जिले में लंबे समय से एक स्वयंसेवी संस्था की ओर से लोगों को हेपेटाइटिस के टीके लगाए जा रहे थे। इसके एवज में लोगों से पैसा भी लिया जा रहा था। 30 अक्तूबर से संस्था की ओर से गोपेश्वर रामलीला ग्राउंड में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी गई। संबंधित बीमारी की दवाइयां भी दी जा रही थी।
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मंगलवार को स्थानीय लोगों ने शिविर संचालकों से स्वास्थ्य विभाग के अनुमति पत्र की मांग की तो वे बगले झांकने लगे। लोगों ने इसकी सूचना गोपेश्वर थाने को दी। थानाध्यक्ष कुंदन राम पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने संस्था के टीम लीडर दीपक सिंह से शिविर लगाने की अनुमति रिपोर्ट मांगी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने शिविर को बंद कराते हुए दवाइयां और स्वास्थ्य उपकरण जब्त कर थाने में जमा करा दिए। कैंप संचालकों से पुलिस पूछताछ कर रही है।