देवप्रयाग। गांवों को पालिका में शामिल किए जाने के विरोध में क्षेत्र के 15 गांवों के ग्रामीण मतदाता सूची में नाम दर्ज नही करवाएंगे। गांव बचाओ संघर्ष समिति ने शहरी विकास निदेशक को ज्ञापन भेज जारी अधिसूचना को रद्द किए जाने की मांग की है।
तहसीलदार यशवीर सिंह के माध्यम से भेजे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि शासन की ओर से गांवों को पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने का एक तरफा फैसला ग्रामीणों की स्वतंत्रता का हनन है। कहा कि गांवों को पालिका में शामिल किए जाने से पूर्व शासन-प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की राय लेनी चाहिए थी। ग्रामीणों ने पालिका की ओर से तैयार की जा रही मतदाता सूची का पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया है। उन्होंने गांवों को पालिका क्षेत्र में मिलाए जाने की अधिसूचना को शीघ्र रद्द करने की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में समिति के अध्यक्ष विनोद टोडरिया, क्षेत्र पंचायत सदस्य रजनी देवी, सुनीता महर, लक्ष्मीदेवी, प्रधान कविता कैंतुरा, सारिका रावत, विनीता डबराल, सुनीता ध्यानी, राखी नेगी, सरिता नेगी, राजेंद्र सिंह व नरेश रावत शामिल थे। ब्यूरो