गुलदार के हमले से बाल-बाल बचा वनकर्मी
-- ऋषिकेश-दून मार्ग स्थित जंगलात बैरियर चौकी का मामला
-- अर्जी के बावजूद कनेक्शन ट्रांसफर नहीं कर रहा ऊर्जा निगम
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। ऊर्जा निगम की लापरवाही से वन विभाग के कर्मचारियों की जान खतरे में है। आवेदन के बावजूद निगम ऋषिकेश-देहरादून रोड स्थित वन विभाग की जंगलात बैरियर चौकी में बिजली कनेक्शन ट्रांसफर करने को तैयार नहीं दिख रहा है। जिसके चलते बीते शनिवार की रात जंगल से सटी वन चौकी में तैनात एक कर्मचारी गुलदार के हमले से बाल-बाल बच गया। वन विभाग के ऋषिकेश रेंज कार्यालय के मुताबिक ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के जद में आने के चलते ऋषिकेश-देहरादून मार्ग स्थित रेंज की जंगलात बैरियर चौकी को 10 फुटी में शिफ्ट किया गया है। इसके साथ ही पुरानी चौकी में लगे विद्युत कनेक्शन को ट्रांसफर करने की अर्जी ऊर्जा निगम को दी गई, लेकिन करीब 20 दिन बाद भी निगम नई वन चौकी में बिजली कनेक्शन ट्रांसफर नहीं कर पाया है।
बीते शनिवार की रात अंधेरा में जंगल से एक गुलदार चौकी में घुस आया। गुर्राने की आवाज सुनकर चौकी में तैनात कर्मचारी चंद्रप्रकाश कोठारी के होश उड़ गए। उसने टॉर्च की मदद से गुलदार को भगाया। गनीमत रही कि इस दौरान चंद्रप्रकाश पर गुलदार ने हमला नहीं किया। डिप्टी रेंजर विनोद रावत ने बताया कि बार-बार रिमांडर भेजने के बावजूद ऊर्जा निगम कनेक्शन को नई चौकी में शिफ्ट नहीं कर रहा है। अंधेरे में रात के वक्त चौकी में तैनात कर्मचारियों पर जंगली-जानवरों के हमले का खतरा मंडराता रहता है। उधर, ऊर्जा निगम के एसडीओ अरविंद नेगी ने बताया कि मीटर शिफ्ट नहीं किया गया है। वनकर्मी केबल के माध्यम से नई चौकी तक लाईटिंग के व्यवस्था कर चुके हैं। दावा किया कि वर्तमान में नई चौकी में विद्युत की व्यवस्था है।