ब्यूरो/रायवाला। राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में बनाए जा रहे बाघ बाड़े से पहले रेंज की दो मादा बाघों को रेडियो कॉलर पहनाने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके तहत रेंज में आम पर्यटकों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। राजाजी पार्क प्रशासन के कर्मचारियों की टीमें बाघों की तलाश में जुटी हुई हैं। राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में रह रही दो मादा बाघिन की तलाश में यहां मुश्तैद टीमें पिछले दस दिनों से जुटी हुई हैं, मगर फिलहाल इस मामले में टीमों के हाथ खाली हैं।
बताया गया कि बाघबाड़ा बनने से पूर्व रेंज में रह रही दो मादा बाघिनों को रेडियो कॉलर पहनाए जाने हैं, जिससे पार्क प्रशासन इनकी निगरानी और हर गतिविधियों की जानकारी मिलती रहे। रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया कि वनकर्मियों की अलग-अलग टीमें रोजाना बाघों के तलाश में निकलती है, जो मलमूत्र, पंजे के निशान, खरोंच आदि के आधार पर खोजबीन में जुटी हैं। बताया कि बाघों को रेडियो कॉलर पहनाने में अभी समय लग सकता है। तब तक वन्यजीव प्रेमी पर्यटकों के लिए प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।