कर्णप्रयाग। डिम्मर और रतूड़ा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्य झांकी निकाली गई। श्रद्धालुओं ने नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की..., कृष्ण भयो अवतार हीरा चमक रहा है... आदि भजनों से श्रीकृष्ण की आराधना की। कथा वाचक आचार्य विजयराम डिमरी और अंकित कोठियाल ने भगवान श्री कृष्ण के अवतार की कथा का वर्णन किया। वहीं कांसुवा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक आचार्य सुनील खंडूड़ी ने कहा कि श्री हरि विष्णु निस्वार्थ भाव से सारी सृष्टि का पालन-पोषण करते हैं। उत्तरों गांव में आयोजित श्रीमद्देवी भागवत कथा में आचार्य सुरेंद्र प्रसाद कोठियाल ने मां शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि पुत्र कुपुत्र हो सकता है, लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती है।