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ग्रामीणों ने दी सीएचसी में तालाबंदी की चेतावनी

Updated Sat, 21 Jul 2018 02:16 AM IST
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सात साल बाद भी अस्पताल में नहीं डॉक्टर और स्टॉफ
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ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
चकराता प्रखंड के क्वांसी में खोले गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सात साल बाद भी डॉक्टर और अन्य स्टॉफ की तैनाती नहीं हो सकी है। सुविधाओं के अभाव में भवन सफेद हाथी साबित हो रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को उठानी पड़ रही है। सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी मामूली बीमारी के लिए भी लोग 45 किमी दूर चकराता की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र अस्पताल में डॉक्टर तैनाती न होने पर चकराता स्थित सीएचसी में तालाबंदी की चेतावनी दी है।
2011 में क्वांसी में अस्पताल खोला गया। अस्पताल निर्माण से लोगों में घर के पास ही उपचार मिलने की आस जगी, लेकिन सात साल बाद भी अस्पताल का भवन शोपीस बना हुआ है। कई बार सही समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीज बीच रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष सूर्यपाल सिंह, बुलबुल, शूरवीर डोभाल, चंदन, सुरेश आदि का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर तैनाती न होने पर ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का निर्णय लिया है। जल्द ही यदि अस्पताल में डॉक्टर तैनाती नहीं होती तो ग्रामीण सीएचसी चकराता में तालाबंदी करेंगे। सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती दुर्गम अस्पतालों में की जाएगी।
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