ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
तीर्थनगरी में इस वर्ष कांवड़ यात्रा में तीन ड्रोन कैमरों से भी पुलिस शिवभक्तों की गतिविधियों की निगरानी करेगी। ऋषिकेश से लेकर नीलकंठ तक कुल 76 कैमरों से पल-पल की अपडेट पुलिस के पास होगी। कैंमरों के कंट्रोल रूम अलग-अलग स्थानों पर बनाए गए हैं। इनमें ड्रोन का लिंक ऋषिकेश कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। यह जानकारी एडीजी अशोक कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस यात्रा में तीन ड्रोन कैमरों को भी यात्रियों की सुरक्षा में लगाने जा रही है, जोकि नीलकंठ धाम, बैराज, शिवानंद राम झूला और लक्ष्मणझूला पुल पर तैनात किए जाएंगे। कैमरों से चप्पे-चप्पे की गतिविधियों को पुलिसकर्मी कंट्रोल रूम में ही देख सकेंगे।
इसके अलावा नीलकंठ और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में कुल 47 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 17 नीलकंठ मंदिर परिसर और पांच पार्किंग क्षेत्र में लगाए गए हैं। एडीजी ने बताया कि मुनिकीरेती में सात सीसीटीवी कैमरे और ऋषिकेश क्षेत्र में 22 कैमरे लगे हैं। सभी कैमरों के माध्यम से भी लाइव अपडेट आला अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। कैमरों का मुख्य कंट्रोल रूम ऋषिकेश में होगा। जबकि मुनिकीरेती और नीलकंठ आदि क्षेत्र का लोकल नियंत्रण कक्ष संबंधित थाना क्षेत्रों में होगा।
यह अतिरिक्त टीमें होंगी सुरक्षा में तैनात
कांवड़ यात्रा में पुलिसकर्मियों के अलावा आधा दर्जन से अधिक अन्य टीमें शिव भक्तों की सुरक्षा में तैनात की जाएंगी। इनमें एक टीम आतंकवादी विरोधी दस्ता, एसडीआरएफ, बम निरोधक दस्ता और जल पुलिस की तीन टीमें मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगी। जल पुलिस की टीम ऋषिकेश, मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम व लक्ष्मणझूला में गंगाघाटों व तटों पर तैनात रहेंगी।
यात्रा में ऐसा होगा ट्रैफिक प्लान
कांवड़ यात्रा में हरिद्वार से आने वाले वाहनों को सीधे आईडीपीएल पार्किंग और मुनिकीरेती क्षेत्र में बनी अस्थाई पार्किंग में भेजा जाएगा। इसके बाद कांवड़ियों को बैराज व गरुड़चट्टी से सवारी वाहनों के माध्यम से नीलकंठ धाम तक भेजा जाएगा। सभी वाहनों की वापसी नीलकंठ से गरुड़चट्टी होते हुए नटराज चौक पर भेजा जाएगा। हरिद्वार बाईपास मार्ग से हरिद्वार भेजा जाएगा। इसमें आईडीपीएल से कांवड़ियों को बैराज-चीला मार्ग से हरिद्वार की ओर भेजा जाएगा। बिना वाहन के जाने वाले कांवड़िए पैदल मार्ग से धाम तक पहुंचेंगे। लक्ष्मणझूला और शिवानंद राम झूला पुलों पर कांवड़ियों का दबाव अधिक होने पर वन-वे व्यवस्था को लागू किया जाएगा। शिवभक्त लक्ष्मणझूला पुल से नीलकंठ जाएंगे और उनकी वापसी शिवानंद राम झूला पुल से होगी।
झूला पुलों से नहीं देख पाएंगे नजारा
शिवानंद राम झूला और लक्ष्मणझूला पुल पर सेल्फी लेने के चलते आवागमन में अवरोध को खत्म करने के लिए पुलिस ने नया कदम उठाया है। पुलिस ने दोनों झूला पुलों पर व्यू कटर (कपड़े का पर्दा) लगाया है, जिससे दोनों पुलों पर नजारा नहीं देख पाएंगे और कांवड़िए सेल्फी भी नहीं ले पाएंगे। हाईवे और आंतरिक रूटों पर छोटी सुरक्षा दीवारों वाले स्थानों पर भी व्यू कटर लगाया गया है।
एडीजी ने किया पुलों का निरीक्षण
एडीजी अशोक कुमार ने बृहस्पतिवार शाम रामझूला और लक्ष्मणझूला पुलों पर लगे व्यू कटर का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों को चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के निर्देश दिए।
भीड़ बढ़ी, तो मुनिकीरेती में जीरो-जोन
मुनिकीरेती क्षेत्र में कांविड़यों की भीड़ बढ़ने पर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोनिवि तिराहे से तपोवन तिराहे तक जीरो-जोन कर दिया जाएगा। एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पुलिस ने यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए यह नियम बनाया है। बताया कि सामान्य हालातों में सवारी वाहनों को भीतर से गुजरने दिया जाएगा।
450 होमगार्ड भी होंगे तैनात
तीर्थनगरी में मेला क्षेत्र में 450 होमगार्ड की तैनाती भी की जाएगी। एडीजी अशोक कुमार ने बताया कि नीलकंठ और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में 250, मुनिकीरेती व ऋषिकेश में 100-100 होमगार्ड की तैनाती की जाएगी। बताया कि सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह से गंभीर है। इसमें सुरक्षा के लिए पर्याप्त जवानों की तैनाती कर दी गई है।
इन स्थानों पर पार्क होंगे वाहन
पुलिस ने कांवड़ियों के वाहन पार्क करने के लिए तीर्थनगरी के विभिन्न स्थानों पर अस्थायी पार्किंग बनाई हैं, जिनमें ऋषिकेश में आईडीपीएल और चंद्रभागा नदी शामिल हैं। जबकि मुनिकीरेती में हर्बल गार्डन, ढालवाला, तपोवन और खारास्रोत बनाई गई है। नीलकंठ क्षेत्र में निजी पार्किंग के लिए अलावा कई अन्य पार्किंग भी बनी हैं। पुलिस की ओर से बनाई गई पार्किंग में शिवभक्तों से वाहन खड़ा करने का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।