देवाल। कपकोट ब्लाक के कुंवारी गांव में स्वास्थ्य और सड़क सुविधाएं नहीं है, जिससे ग्रामीण यहां भगवान भरोसे ही है। स्थिति यह है कि गत शुक्रवार को गांव की एक महिला को प्रसव पीड़ा हुई। ग्रामीणों ने उसे डंडी में करीब 35 किमी की पैदल दूरी तय कर अस्पताल पहुंचाया। इस दूरी को तय करने में ग्रामीणों को दो दिन लगे। दो दिन तक गर्भवती महिला प्रसव वेदना से कराहती रही। गनीमत रही कि इस बीच गर्भवती महिला की स्थिति सामान्य रही और उसने अस्पताल में स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इस पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
कपकोट ब्लाक के कुंवारी गांव सड़क से करीब 35 किमी दूर है। ग्रामीण मदन राम ने बताया कि उनकी बहू अनीता देवी को 27 जुलाई को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। पहले दिन परिजन व ग्रामीण महिला को डंडी से करीब 18 किमी दूर चोटिंग ही पहुंचा पाए। चोटिंग में रात बिताने के बाद वे दूसरे दिन महिला को सीएचसी थराली ले गए, जहां अनीता ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। अनीता व उसका बच्चा स्वस्थ है। इस पर परिजनों ने राहत की सांस ली। अनीता के ससुर मदन राम ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर एएनएम तक नही है। ऐसे में वहां ग्रामीण भगवान भरोसे ही है। बताया कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस है। वहीं लोनिवि से सहायक अभियंता जीबी जोशी ने बताया कि झलिया के पास हरमल तक सड़क स्वीकृत है, जिसे अभी वन अधिनियम की स्वीकृति मिलनी बाकी है। स्वीकृति मिलने के बाद ही अन्य कार्रवाई की जाएगी।