थराली। सोलपट्टी में व्याप्त समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील कार्यालय और लोनिवि दफ्तर पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि ढाई माह बीतने पर भी गांवों को जोड़ने वाला थराली-डुग्री-कोलपुड़ी मोटर मार्ग वाहनों के लिए नहीं खुल पाया है, जिससे ग्रामीणों को 10 से 15 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने, घाट-थराली मोटर मार्ग का आरटीओ पास कराने सहित ढाडरबगड़ में आपदा में बहे वाहनों का मुआवजा देने की मांग की।
सोमवार को गेरूड़, कोलपुड़ी, डुंग्री सहित 16 गांवों के सेकड़ों ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंचे और लोनिवि दफ्तर पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि 15 जुलाई को यहां थराली-डुंग्री-कोलपुंडी मोटर मार्ग बंद हो गया था, लेकिन तब से ढाई माह बीतने के बाद भी सड़क नहीं खुल पाई है। कहा कि यदि लोनिवि जल्द सड़क नहीं खोलता, तो तालाबंदी की जाएगी। करीब दोपहर 12 बजे लोनिवि के ईई विजय कुमार ने एक सप्ताह में सड़क खोलने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण जुलूस लेकर तहसील पहुंचे, जहां तहसीलदार को ज्ञापन देकर क्षेत्र में मोबाइल टॉवर लगाने, राशन की सप्लाई करने, बिजली और पानी की आपूर्ति सुचारु करने सहित 15 जुलाई को ढाडरबगड़ में बहे वाहनों का मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में सोल विकास समिति के अध्यक्ष हयात सिंह, जगमोहन सिंह रावत, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रूकमणि देवी, पूर्व प्रमुख बख्तावर सिंह नेगी, पूर्व प्रधान कलम सिंह , कनिष्ठ प्रमुख नवीन मिश्रा, हरेन्द्र सिंह, महिला मंगल दल अध्यक्ष शीला देवी, जिला पंचायत सदस्य मीना फर्स्वाण, गजेंद्र रावत, गोदांबरी देवी, प्रधान रतगांव सुजान सिंह, प्रधान कोलपुड़ी यशोदा देवी, नंदी देवी सहित कई शामिल थे।