ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजकीय विद्यालयों में आम-आदमी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए धाद संस्था ने ‘एक कोना कक्षा का’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रचनात्मकता, शिक्षा, खेल एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें भविष्य के लिए एक बेहतर और विवेकशील नागरिक बनाना है। इसी अभियान का शुभारंभ रविवार को टाउन हॉल में अनूप नौटियाल द्वारा किया गया।
धाद संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनूप नौटियाल ने कहा कि यह एक जन अभियान है। उन्होंने स्वयं इस अभियान से जुड़ कर पांच स्कूलों की जिम्मेदारी ली है। ‘धाद’ के सुनील भट्ट ने कहा कि अभियान की सफलता शिक्षकों के अनुभवों और प्रयास से संभव है। ‘धाद’ के सचिव तन्मय ममगाईं ने कहा कि कक्षा के चार कोनों में पहले कोने को रचनात्मकता के लिए रखा गया है। इसके तहत बाल पत्रिकाएं रखी जाएंगी। जिससे बच्चों की कल्पनाशीलता को बढ़ाया जा सके। दूसरे कोने में पठन-पाठन सामग्री होगी। जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाना है। तीसरा कोना खेल और चौथा कोना बच्चों को पर्यावरण से जोड़ते हुए हरेला को समर्पित है। कार्यक्रम के दौरान 25 राजकीय विद्यालयों को ‘एक कोना कक्षा का’ की शिक्षण सामग्री सौंपी। इस अवसर पर माधुरी बर्थवाल, नीलम, प्रभा वर्मा, प्रभाकर देवरानी, नरेश रतूड़ी, मनोरमा शर्मा, रजनीश अग्रवाल, अनीता नौटियाल, हेमलता बिष्ट, प्रमोद, कल्पना बहुगुणा, पूनम नैथानी, बीना कंडारी, शांति प्रकाश, बीना कंडारी, मुन्नी पाठक, राजीव पांथरी समेत कई उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ‘धाद’ के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास और संचालन डीसी नौटियाल व मीनाक्षी जुयाल ने किया।