देशभर के बीएड कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता सर्वोपरि होगी। फैकल्टी, गुणवत्ता की जुगाड़बाजी करने वाले बीएड कॉलेज अब नहीं चल पाएंगे। सरकार ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के एनसीटीई रेगुलेशन-2014 में कई अहम संशोधन किए हैं। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
एनसीटीई ने बीएड कॉलेजों के लिए 2014 में रेगुलेशन जारी किया था। इसके तहत बीएड की अवधि एक साल से बढ़ाकर दो वर्ष कर दी गई थी। रेगुलेशन में कई संशोधन अब किए गए हैं। इसके तहत बीएड कॉलेजों को हर पांच साल पर एक्रिडिएशन (प्रमाणन) कराना अनिवार्य होगा। यह प्रमाणन नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रिडिएशन काउंसिल (नैक) की माफिक कोई संस्था करेगी। प्रमाणन में कॉलेज की सभी व्यवस्थाओं को विभिन्न मापदंडों पर परखा जाएगा। एनसीटीई की ओर से यह प्रमाणन किसी भी एजेंसी से कराया जा सकता है।
जो कॉलेज पांच साल से पुराने हैं, उन्हें एक साल के भीतर एक्रिडिएशन कराना अनिवार्य होगा। अधिसूचना के मुताबिक, सभी बीएड कॉलेजों को अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, छात्रों की पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपडेट रखनी होगी। एनसीटीई की ओर से किसी स्वतंत्र ऑनलाइन एजेंसी से इसकी निगरानी कराई जाएगी, जिसका भुगतान कॉलेजों को करना होगा। रेगुलेशन में संशोधन के बाद उन बीएड कॉलेजों पर शिकंजा कसेगा, जो केवल जुगाड़बाजी के दम पर चल रहे हैं। जहां बीएड के नाम पर केवल एग्जाम और डिग्री देने का काम होता है।