देशभर में सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) में बदलाव होने के बाद अब उत्तराखंड लोक सेवा आयोग भी इसमें बदलाव पर विचार कर रहा है। हालांकि, हाल फिलहाल में पैटर्न में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ हुई बैठक में सीसैट और आयोग की परीक्षाओं व पैटर्न को लेकर विशेष चर्चा हुई। आयोग ने कई बिंदुओं पर अपनी सहमति भी जताई।
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सचिवालय में सीएम हरीश रावत, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, आयोग के अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी, सचिव एसएन पांडेय सहित आयोग के सभी सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में अमर उजाला के सहयोग से पीसीएस परीक्षा के पैटर्न में बदलाव को लेकर अभियान चलाने वाले कांग्रेस महासचिव आनंद रावत के अलावा कई विशेषज्ञ भी शामिल हुए।
सीएम ने कहा, या तो खत्म हो या फिर क्वालिफाइंग
harish rawat
सीएम हरीश रावत ने आयोग के सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि संघ लोक सेवा आयोग और दूसरे राज्य आयोगों की तर्ज पर उत्तराखंड लोक सेवा आयोग भी सीसैट पैटर्न में बदलाव करे। या तो इसे खत्म किया जाए या फिर इसे क्वालिफाइंग किया जाए।
आयोग ने तत्काल बदलाव से इनकार करते हुए यह स्वीकार किया कि भविष्य में इस पर विचार किया जाएगा। सीएम और विशेषज्ञों ने उत्तराखंड से जुड़े सवालों को परीक्षा में बढ़ाने पर चर्चा की, जिस पर आयोग ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों में उत्तराखंड से जुड़ा सिलेबस बढ़ाया जाए। ताकि भविष्य में आयोग को ऐसे प्रश्नों को शामिल करने में सिलेबस की समस्या पेश न आए।
गणित के प्रश्न घटाने पर विचार को आयोग तैयार
कांग्रेस महासचिव आनंद रावत
- फोटो : AmarUjala
कांग्रेस महासचिव आनंद रावत ने आयोग से पीसीएस परीक्षा में गणित के सवालों की संख्या घटाकर नैतिक शास्त्र के सवालों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
इस पर भी आयोग ने भविष्य में विचार करने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि आयोग की परीक्षाओं में देरी और सीसैट पैटर्न की मुश्किलों सहित तमाम मुद्दों को लेकर अमर उजाला ने गत वर्ष नवंबर और दिसंबर में सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की थी।
गत वर्ष 22 दिसंबर को कांग्रेस महासचिव आनंद रावत ने सभी विशेषज्ञों और आयोग के पूर्व सदस्यों व युवाओं को एक मंच पर लाकर सीसैट पैटर्न पर खुली चर्चा की थी। उसी क्रम में सीएम की आयोग से वार्ता की घोषणा के तहत यह बैठक बुलाई गई थी।