अब उत्तराखंड में उपभोक्ता भी खाद्य नमूनों में मिलावट की शिकायत के लिए निजी जांच करवा सकते हैं।
इसके लिए उपभोक्ताओं को निर्धारित शुल्क खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला को देना होगा। संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड ने खाद्य नमूनों की दर निर्धारण के संबंध में खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला प्रभारी को दिशा निर्देश दे दिए हैं। रुद्रपुर स्थित प्रदेश स्तरीय खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला में सभी 13 जिलों के हजारों नमूनों की सरकारी स्तर पर जांच होती है। अधिकांश होली, दीपावली आदि त्योहारों पर भरे जाने वाले खाद्य नमनों की जांच में औपचारिकता अधिक होती है।
अब सरकार ने शासनादेश जारी कर खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करवाने की सुविधा आम लोगों को भी दे दी है। संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त युगल किशोर पंत ने रुद्रपुर स्थित लैब को निजी जांचों की शुल्क निर्धारण से संबंधित पत्र भेजकर दिशा निर्देश दिए हैं।
किस तरह की जांच के लिए कितना शुल्क
उपभोक्ताओं के खाद्य नमूनों की जांच के लिए शुल्क को दो श्रेणी में बांटा गया है। मिठाई, रसगुल्ले, तेल, खोया, बेसन और आटे से बनी खाद्य पदार्थों के प्रत्येक नमूने की जांच के लिए उपभोक्ता को पांच हजार रुपये देने होंगे। इसके अलावा दूध से बने बच्चों के खाद्य पदार्थ, बोतलबंद पानी की जांच के प्रति नमूने की दर 12 हजार रुपये निर्धारित की गई है। खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला के प्रभारी डॉ. मनीष अग्रवाल ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल की कैंटीनों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और बोतलबंद पानी की जांच भी यहां होगी।