ग्रामीण महिला से छेड़छाड़ के तीन आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया। उन पर महिला को जातिसूचक टिप्पणी देने का भी आरोप था।
विशेष सत्र न्यायाधीश प्रदीप पंत की अदालत ने छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तीन आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। 28 जुलाई 2013 को पुलिस चौकी घाट में क्षेत्र की एक अनुसूचित जाति की महिला ने अपने गांव के ही पूर्व प्रधान बचन सिंह, दलवीर सिंह और खिलाफ सिंह के विरुद्ध छेड़छाड़ और मारपीट का मामला दर्ज कराया था।
उन्होंने आरोपियों पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप भी लगाया था, जिस पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, बाद में वे जमानत पर छूट गए थे।
मामला परीक्षण के लिए विशेष सत्र न्यायाधीश चमोली के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिस पर न्यायालय ने मामले में आरोपियों पर लगाए गए आरोपों को संदिग्ध पाया। विशेष सत्र न्यायाधीश प्रदीप पंत की अदालत ने संपूर्ण मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों को संदेहास्पद पाया।
इसके बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया। बचाव पक्ष की ओर से पैरवी अधिवक्ता सत्यप्रकाश सती ने की।