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सहेलियों संग मिलकर देवेश्वरी ने चलाया 'महान' अभियान, सुनेंगे तो कह उठेंगे वाह...

टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 25 Sep 2017 01:20 PM IST
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गांव में शादियों में मेहमानों का स्वागत दूध दही से किया जाता है
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देवेश्वरी शादी के बाद ससुराल पहुंची तो वहां को माहौल देख कर दंग रह गई। माहौल इतना खराब की महिला और लड़कियों के लिए घर से निकलना मुश्किल था।
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देवेश्वरी के वजह से आज चमोली के करीब आधा दर्जन गांव में शादियों में मेहमानों का स्वागत दूध दही से किया जाता है। इसके पीछे पाडुली गांव की देवेश्वरी देवी है, जिसने अपनी 12 सहेलियों के साथ मिलकर पाडुली समेत आसपास के आधा दर्जन गांव में शराब के खिलाफ चलाया है।

देवेश्वरी देवी (38) की शादी 1998 में बगड़वालधार पाडुली के कमल सिंह से हुई। उस वक्‍त गांव के आसपास शराबियों का उत्पात मचा रहता था। तब बाजार तक आना जाना आसान नहीं था। 
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अभियान से जुड़ी महिलाओं की संख्या ढाई हजार पार

महिलाओं ने शराबियों को पुलिस को सौंपना शुरू किया
देवेश्वरी ने 2012 में गांव की महिलाओं के साथ हालात बदलने का संकल्प लिया। जिसके लिए उन्होंने बिलेश्वरी रावत, सुलोचना, शिवदेई, भारती रावत, सुभागा नेगी, मंजू, धर्मा देवी, आशा देवी, बसंती देवी आदि महिलाओं के साथ शराब विरोधी मुहिम की शुरुआत कर दी।

आरंभ में शराबियों को समझाने का प्रयास किया। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। फिर इन महिलाओं ने शराबियों को पुलिस को सौंपना शुरू किया। वह कहती हैं कि हमने हिम्मत दिखाई तो दूसरी महिलाएं भी सामने आईं। आज अभियान से जुड़ी महिलाओं की संख्या ढाई हजार हो गई है।

शुरू में लोगों ने इस अभियान को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन जब हमने जब हार नहीं मानी तो सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। अब गांव में शादी ब्याह व अन्य समारोहों में शराब के जगह दूध, दही व छांछ परोसी जाती है।

अगथला, कम्यार, बैरागना, पाडुली, पीपलकोटी, नौरख, मंडल में विवाह अथवा अन्य समारोह में शराब परोसनी बंद कर दी गई है। यहां मेहमानों का स्वागत दूध, दही और छांछ से किया जा रहा है।
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