तड़के 4 बजकर 40 मिनट पर भूकंप का झटका रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर 3.5 तीव्रता वाले इस झटके से कहीं भी किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। बीते 6 फरवरी के बाद से समय-समय पर 3 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप के झटके क्षेत्र में आ रहे हैं।
सोमवार तड़के आए भूकंप के झटके का केंद्र ऊखीमठ से पश्चिम की दिशा में जमीन से 79 किमी नीचे था। भूकंप का झटका कम ही लोगों को महसूस हुआ। क्योंकि इस दौरान सभी लोग सोए हुए थे। जिला आपदा कंट्रोल रूम से बताया गया कि भूकंप से कहीं भी किसी प्रकार को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
रुद्रप्रयाग सहित केदारनाथ धाम व अन्य मठ-मंदिर पूरी तरह से सुरक्षित हैं। विदित हो कि बीते 7 अप्रैल को शाम 4 बजकर 2 मिनट पर रिक्टर स्केल पर 4 तीव्रता का भूकंप का झटका आया था। तब, भी क्षेत्र में कोई अनहोनी नहीं हुई थी। लेकिन नियमित अंतराल में आ रहे भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत बनी हुई है।
इतना सही है कि 6 फरवरी को आए भूकंप के झटके का केंद्र भी ऊखीमठ क्षेत्र में था। जबकि बीते दस दिनों में आए दो झटकों का केंद्र भी पूर्व की तरह ऊखीमठ में था। पीजी कालेज ऋषिकेश के भूगोल विषय के प्रोफेसर डा. राजेश नौटियाल ने बताया कि हल्के भूकंप के झटकों से जमीन के अंदर की ऊर्जा धीरे-धीरे बाहर निकलती रहती है, जिससे कम से कम नुकसान होता है। लेकिन इस प्रक्रिया में बड़े भूकंप की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।