समरजहां को मुजफ्फरनगर निवासी दवा कारोबारी राकेश कुमार गुप्ता पंद्रह दिन पहले ही देहरादून लाया था। गुप्ता का बेटा कार्तिक सहस्त्रधारा रोड़ पर पैसेफिक गोल के पास माउंट ग्रिल के नाम से फैमिली रेस्टोरेंट चलाता था।
समरजहां गुप्ता के बेटे के साथ रेस्टोरेंट की देख-रेख करती थी। गुप्ता अब रेस्टोरेंट के बराबर में ही समरजहां के लिए बुटीक सेंटर खुलवा रहा था। समरजहां मंगलवार रात बुटीक की दुकान के काम को देखने के बाद स्कूटी से घर लौट रही थी।
घर की गली के बाहर पहले से ही कार सवार बदमाश उसके इंतजार में थे। समरजहां को देखकर कार सवार युवकों ने फायरिंग शुरू कर दी। स्कूटी से नीचे गिरने के बाद महिला ने जान बचाने को दौड़ लगा दी।
कार सवार युवकों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। अंधाधुंध फायरिंग में तीन गोलियां लगने के कारण समरजहां लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गई। गोलियों की आवाज सुनकर रेस्टोरेंट पर मौजूद राकेश कुमार गुप्ता के बेटे के आने के बाद कार सवार बदमाश फरार हो गए।
दवा कारोबारी का बेटा कार्तिक महिला को उठाकर मैक्स अस्पताल ले गया, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की हत्या की खबर मिलते ही एसएसपी निवेदिता कुकरेती, एसपी सिटी श्वेता चौबे के साथ कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद सलेटी कार सवार बदमाशों की तलाश में जिले भर में चेकिंग शुरू कर दी गई। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि हत्यारोपी सलेटी रंग की कार में बताए गए है, जिस पर हरियाणा का नंबर बताया जा रहा है।
महिला समरजहां का पहले पति मुमताज से काफी समय पहले तलाक हो गया था। समरजहां अब दवा कारोबारी राकेश गुप्ता के साथ लिव इन रिलेशन में रहती थी। हत्या के कारणों को लेकर जांच पड़ताल की जा रही है। प्रथम दृष्टया हत्या को अवैध संबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है।
-निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक