शहर भर में सैकड़ों बिजली के खंभों पर कियोस्क और फ्लैक्स टांग कर विज्ञापन कर रहे व्यावसायिक संस्थानों के पास इसकी अनुमति नहीं है। व्यावसायिक संस्थानों के साथ राजनीतिक दल भी मुफ्त में पब्लिसिटी कर रहे हैं। हजारों अवैध कियोस्क, फ्लैक्स बिजली के खंभों पर लगे हैं।
सूचना के अधिकार अधिनियम में मिली जानकारी से खुलासा हुआ है कि विज्ञापन टांगने वाले संस्थानों ने न तो बिजली महकमे से इसकी अनुमति ली। अवैध विज्ञापन टांगने वाले नगर निगम की कमाई पर भी डाका डाल रहे हैं।
निगम के हटाते ही फिर टंग जाते हैं
नगर निगम की जेब्रा टीम कई बार इन कियोस्क और फ्लैक्स को हटाते तो जरूर हैं, लेकिन यह कुछ ही समय बाद दोबारा टंग जाते हैं। सूचना के अधिकार के तहत नवीन कुमार नाम के व्यक्ति ने बिजली विभाग से इस बारे में जानकारी मांगी। अपीलीय अधिकारी बिजली महकमे के अधीक्षण अभियंता बृजमोहन सिंह परमार ने इस बारे में कुछ जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई। उनका कहना था कि विभाग ने किसी भी कंपनी के साथ इस बाबत समझौता नहीं किया है।
ऊर्जा निगम के प्रवक्ता मधुसूदन का कहना है कि विभाग का किसी के साथ करार नहीं हुआ है। अगर ऊर्जा निगम के पोलों का इस्तेमाल किया जा रहा है तो यह नियम विरुद्ध है। नगर निगम के कर अधीक्षक भूमि विनय प्रताप चौहान का कहना है कि हम लगातार अभियान चलाए हुए हैं। अवैध फ्लैक्स आदि लगाने वाले लोगों से चालान वसूला जाता है।
चल रहा है अभियान, 30 तक चलेगा
निगम की जेब्रा टीम अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए हुए है। अवैध रूप से लगे फ्लैक्स के खिलाफ अभियान चल रहा है। 30 अप्रैल तक अभियान चलेगा। निगम के पास बिजली विभाग के पोलों पर फ्लैक्स आदि लगाने का अधिकार है। इनमें से वैध फ्लैक्स-कियोस्क भी हैं। अवैध के खिलाफ हम अभियान चलाए हुए हैं। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
-विनोद चमोली, मेयर
किसी कंपनी से समझौता नहीं
सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत नवीन कुमार ने इस बावत जानकारी मांगी थी। हमने किसी कंपनी, फ्लैक्स-कियोस्क के साथ समझौता नहीं किया है। जो कोई भी ऐसा कर रहा है वह गैरकानूनी काम है। प्रशासन व नगर निगम को इस बारे में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
- बृजमोहन सिंह परमार, अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग