प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत कहते हैं उनका नया अवतार हुआ है। टूटे, फटे ओल्ड वर्जन की जगह नया जन्म हुआ है। उनका बदला स्वरूप दिख भी रहा है।
मीडिया से रूबरू हुए तो इंदिरा ह्दयेश का हाथ थामकर उन्हें कुर्सी पर बैठाया। हाथ में गुलाब का फूल लेकर आए थे उसे प्रीतम सिंह के कोट में लगाया और दिनेश अग्रवाल को पहाड़ी अंदाज में थपकी देकर स्नेह जताया।
इंदिरा के साथ गए दिल्ली
मुख्यमंत्री बनने के बाद रविवार की शाम हरीश रावत कांग्रेस अध्यक्ष से मिलने दिल्ली गए तो इंदिरा ह्दयेश साथ थीं।
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रावत अपने मंत्रिमंडल से पूरा तालमेल बैठाकर चल रहे हैं ताकि तीन साल का समय और फैसले लेने में कोई दिक्कत न आए। वहीं जिस तरह का विरोध और उन्होंने नेता के चयन में देखा है उससे रावत कोई भी मौका नहीं देना चाहते हैं।
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बजट से संबंधित फैसले लेने का जिम्मा भी वरिष्ठ सहयोगी इंदिरा ह्दयेश के जिम्मे किया है। इंदिरा ह्दयेश ने भी मुख्यमंत्री की दौड़ में काफी दूर तक टक्कर दी थी।
नई बहू कहकर मांगा वक्त
हरीश रावत के बयान हमेशा मीडिया का उलझाते हैं वैसा ही हुआ। तमाम उलझाऊ सवालों को यह कहकर टाल गए कि नई बहू हैं अभी उसे मौका दीजिए।
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आपसे उम्मीद है कि सास-ससुर, देवरानी और अन्य बातों से परहेज करेंगे। फिर फंसे तो मीडिया से कहा एक अच्छी सास बहू के खाना बनाने का हुनर देखती है।
मंत्री रहे मौजूद
मीडिया ने पूछा सब कुछ अच्छा था तो बदलाव क्यूं, क्या मिसिंग था? जवाब आया आपको जो महसूस हो रहा है वही होगा। मुख्यमंत्री के साथ प्रेस कांफ्रेंस में हरक सिंह रावत और अमृत रावत को छोड़ कांग्रेस के सभी मंत्री मौजूद थे।
उसके मुंडन का भात खाया है
बीजापुर गेस्ट हाउस में जिस समय नए मुख्यमंत्री के चयन की कवायद चल रही थी। उसी समय खबर आई थी कि हरीश रावत ने एक युवक को चांटा मार दिया। फिर क्या खबरिया होड़ न्यूज चैनल पर ब्रेकिंग चलने लगी। हरीश रावत को उस सवाल का जवाब देना पड़ा।
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हरीश रावत ने बताया कि जिसे थपकी(कंधे पर हाथ मारना) मारी थी वह मेरे गांव का चेचरा भाई 27 वर्षीय दिनेश है। मैंने उसके मुंडन का भात खाया है।
उसे मैंने नारेबाजी करने से मना करने के लिए थपकी मारी थी। मैं अक्सर ऐसा ही करता हूं। ऐसा बताने केलिए उन्होंने बगल में बैठे मंत्री दिनेश अग्रवाल का मारा।