राजधानी देहरादून में जल्द ही सस्ते घर का सपना सच होने वाला है। इसके लिए राज्य सहकारी संघ और राज्य सहकारी बैंक आवास संघ में पूंजी लगाने के लिए तैयार है। इन तीनों संस्थाओं के बीच में करार हो गया है।
विवाद के घेरे में आ गई थी संस्था
आवास संघ का गठन भाजपा सरकार के कार्यकाल में बाकायदा कैबिनेट के जरिए किया गया था। उस समय सरकार ने कहा था कि लोअर इनकम ग्रुप और मिडल इनकम ग्रुप के लिए यह संस्था सस्ते मकान बनाकर देगी। पर गठन के साथ ही यह संस्था विवादों के घेरे में आ गई थी।
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हाल यह था कि संस्था पर बिना जमीन के ही फ्लेट दिल्ली और मुंबई में बुक करने का आरोप लगा था। इन मामलों की जांच भी हुई और चार अलग-अलग जांच में इसकी पुष्टि भी हुई। तब से आवास संघ डंप पड़ा था।
अब आवास संघ को फिर से जिंदा किया जा रहा है। आवास संघ के पास इस समय क्रियाशील पूंजी नही है। लिहाजा इस समस्या का समाधान करने के लिए राज्य सहकारी संघ और राज्य सहकारी बैंक सामने आए हैं।
क्रियाशील पूंजी से जमीन की व्यवस्था
राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष प्रमोद कुमार के मुताबिक आवास संघ की क्रियाशील पूंजी से जमीन की व्यवस्था की जाएगी और इसके बाद सस्ते मकान बनाए जाएंगे। आवास संघ का इन दोनों संस्थाओं केसाथ करार हो गया है।
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प्रदेश में लोअर इनकम ग्रुप के लिए एक सस्ते घर का सपना फिलहाल दूर की कौड़ी बना हुआ है। पिछले 12 साल मे एमडीडीए बमुश्किल ही कुछ एक प्रोजेक्ट कर पाया है। जबकि शहरों की ओर तेजी से हो रहे पलायन के चलते शहरों में सस्ते घरों की जरूरत तेजी से बढ़ रही है।
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