उत्तराखंड के अपर सचिव जेपी जोशी यौन शोषण मामले के खुलासे के बाद सुर्खियों में आए नैनीताल के पुलिस ऑफिसर्स क्लब से जांच टीम को अहम सुराग हाथ लगे हैं।
क्लब के कर्मचारियों ने घटना की रात किसी अधिकारी के एक युवती के साथ वहां आने की बात स्वीकारी है। हालांकि, यह अधिकारी कौन था, इस सवाल का जवाब कर्मचारी नहीं दे पाए। पुलिस टीम ने क्लब से नवंबर महीने का आगंतुक रजिस्टर कब्जे में लिया है।
कमरे को सीज किया गया
एएसपी ममता बोहरा के नेतृत्व में इस मामले की जांच कर रही टीम शनिवार को पुलिस क्लब पहुंची। पुलिस ने क्लब के उस कमरे को भी खंगाला जहां 20 अक्तूबर को अश्लील वीडियो तैयार करने की बात सामने आई थी।
पुलिस का कहना है इस कमरे को सीज किया जा रहा है। पुलिस टीम संभवत: रविवार को भी नैनीताल में मौजूद रहेगी। सूत्रों के अनुसार टीम के दो सब इंस्पेक्टरों ने हाईकोर्ट के एक वरिष्ठ अधिवक्ता से मिलकर इस मामले के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की।
कुछ दिन पहले दून आई थी युवती
सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित युवती अपने केस से संबंधित दस्तावेज लेने कुछ दिन पहले दून आई थी। उसने इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े युवक से संपर्क किया था। पुरानी बाइपास चौकी के आसपास उसके मोबाइल की लोकेशन भी बताई गई थी। युवती अक्सर जिस कार से आती-जाती थी, वह अब उसके दून स्थित किराए के मकान में नहीं है।
सचिवालय में भी मिली थी लोकेशन
दिल्ली में जीरो एफआईआर दर्ज कराने से कुछ दिन पहले पीड़ित युवती की लोकेशन उत्तराखंड सचिवालय में भी मिली थी। युवती ने अपर सचिव जेपी जोशी को एसएमएस किया था कि ‘अब मुझे कभी कॉल मत करना और न मुझे अब कभी एसएमएस करने की जरूरत है’।
आरोपों के मुताबिक जोशी ने जब अश्लील सीडी सार्वजनिक करने की धमकी दी तो युवती ने एक चैनल के प्रतिनिधियों से संपर्क किया था। जिन्होंने युवती को सीडी चैनल पर प्रसारित कराने के लिए आगे आने को कहा था।