उत्तराखंड विस चुनाव में रुद्रप्रयाग की केदारनाथ विधानसभा सीट पर उतरने वाले प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला केदारनाथ के 2 हजार तीर्थ पुरोहित परिवारों के 7500 से अधिक मतदाताओं पर निर्भर करेगा। आपदा के बाद बदले हालात में इस बार इन वोटर की भूमिका कई मायनों में अहम हो गई है।
वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 1 लाख, 13 हजार 761 आबादी वाली केदारनाथ विधानसभा में 81925 मतदाता है, जिसमें 40320 पुरुष और 41605 महिलाएं हैं। इन मतदाताओं में साढ़े सात हजार मतदाता तीर्थ पुरोहित परिवारों से हैं, जिनकी आजीविका केदारनाथ धाम से जुड़ी है।
जून 2013 की केदारनाथ आपदा में ये लोग व्यापक रूप से प्रभावित हुए। तीर्थ पुरोहितों के गांव देवलीभणिग्राम, लमगौंडी, देवर, नाग, लहेड़ा, सतनी, तिनसोली, कुनियाला, खाट, नाला, चुन्नी, किमाणा, नैरा और परकंडी आदि में कई लोग काल का ग्रास बने, जो केदारनाथ में थे। आज तक इन परिवारों की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
प्रभावितों का मुआवजे का मसला भी साढ़े तीन वर्ष बाद भी हल नहीं
केदारनाथ आपदा
- फोटो : file photo
इधर, इन प्रभावितों का मुआवजे का मसला भी साढ़े तीन वर्ष बाद भी हल नहीं हो पाया है। 1954 तीर्थ पुरोहितों में 700 को आज तक अहेतुक राशि नहीं मिल पाई है। आपदा में विधवा हुई 265 महिलाओं की आर्थिकी को लेकर भी सरकार ठोस प्रबंध नहीं कर पाई।
वहीं डेढ़ सौ से अधिक प्रभावित बच्चों की शिक्षा, रोजगार व रहने को लेकर नीति नहीं बनी। ऐसे में इन मतदाताओं की भूमिका कई मायनों में इस बार महत्वपूर्ण हो गई है। केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला का कहना है कि जिन पुरोहितों के मकान ध्वस्त हो गए थे। उनके आवास की व्यवस्था सरकार नहीं कर पाई।
पैदल मार्ग पर रोजगार को लेकर नीति नहीं बनाई गई। जो जनप्रतिनिधि चुनकर विधानसभा भेजे गए, उन्होंने ही ऐेसे समय पर दगा दिया, जब उनकी सबसे अधिक जरूरत थी। ऐसे में आपदा प्रभावितों की समस्याएं कौन हल करता। केदारनाथ आपदा में बहे पुलों का निर्माण और केदारनाथ धाम को सड़क से जोड़ने के बारे में भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। कहा कि इन सवालों के जवाब पार्टियों के प्रत्याशियों को देने ही होंगे।
बसपा ने रुद्रप्रयाग और केदारनाथ से चुना प्रत्याशी
बसपा प्रतीक
बहुजन समाज पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट से शिल्पकार परिवार उत्थान समिति के जिलाध्यक्ष कुंदन लाल आगरी और केदारनाथ सीट से महावीर सिंह रौथाण को प्रत्याशी चुना है।
सोमवार को यहां आयोजित बसपा, शिल्पकार परिवार उत्थान समिति, जिला शिल्पकार समिति, दलित साहित्य अकादमी और बदरी-केदार रेल पथ विस्तार समिति सहित अन्य संगठनों की संयुक्त बैठक में विधानसभा चुनाव पर चर्चा की गई। इस मौके पर सर्व सम्मति से आगरी व रौथाण को दोनों विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी चुना गया है।
पार्टीजनों व संगठन पदाधिकारियों व सदस्यों ने एक सुर में गांव-गांव, घर-घर जाकर जनसंपर्क का निर्णय लिया गया। बैठक में पुरुषोत्तम चंद्रवाल, रमेश कुमार टम्टा, शिवपाल सिंह आर्य, बलवंत कोहली, मणिलाल टम्टा, रामलाल, सोहनलाल आदि पार्टीजन मौजूद थे।