दरगाह के खादिम ने चाकू से अपनी गर्दन काटकर अपनी कुर्बानी देने की कोशिश की। सुबह नमाज अदा करने के लिए पहुंचे लोगों ने उसे खून से लथपथ और तड़पता देख अस्पताल में दाखिल कराया। अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में सलेमपुर दादूपुर में दरगाह है। दरगाह में कई वर्षों से बाबा मासूम (40) खिदमत करता है। इससे पहले वह कलियर शरीफ में रहा था और खिदमात की ट्रेनिंग ली थी।
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ईद पर अपनी कुर्बानी देने की बात
बुधवार की सुबह जिस समय लोग ईद-उल-जुहा की नमाज करने जा रहे थे तो उन्होंने बाबा मासूम को फर्श पर तड़पता हुआ देखा।
बाबा को अस्पताल लाने वालों में से एक मोहम्मद इरशाद ने बताया कि मासूम बाबा पिछले कई दिनों से ईद पर अपनी कुर्बानी देने की बात कह रहे थे, लेकिन लोगों ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया।
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मासूम ने तीन दिन पहले अपने फोटो में गर्दन को धड़ से अलगकर इसका संकेत भी दे दिया था। लेकिन कोई समझ नहीं पाया।
बाबा की गले की हड्डी कटी हुई
लोगों ने देखा कि बाबा की गले की हड्डी कटी हुई थी। बाबा मासूम ने स्वयं ही सब्जी के चाकू से गले की हड्डी काटने की बात स्वीकार की। कहा कि उन्होंने अपनी कुर्बानी दे दी है।
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अस्पताल में घायल बाबा मासूम का बयान दर्ज करने पहुंचे सीओ सदर राजेश भट्ट ने बताया कि अभी वह बयान दर्ज कराने की स्थिति में नहीं हैं। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि उनकी हालत में सुधार है। उनकी सांस लेने की नली ठीक है।