बताया जा रहा है कि मृतक पोलिश पर्वतारोही लुकास्ज जॉन की डेड बॉडी शुक्रवार को तपोवन बेस कैंप पहुंचाया जा चुका है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि डेड बॉडी को बेस कैंप से कहां पहुंचा जाए। शुक्रवार के पूरे दिन एनआईएम और पुलिस के किसी भी अधिकारी का संपर्क रेस्क्यू के लिए गई टीम से नहीं हो पाया है।
वहीं अब शविलिंग चोटी के सबमिट प्वाइंट की 6200 मीटर की ऊंचाई पर बेहोशी की हालत में पड़े दूसरे पर्वतारोही ग्रजेगुज माइकल की जिंदा रहने की संभावनाएं पुलिस अधिकारियों द्वारा कम ही बताई जा रही है।
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शुक्रवार देर शाम आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र संजय गुंज्याल ने बताया कि शुक्रवार पूरे दिन रेस्क्यू के लिए गई टीम के किसी भी सदस्य से उनकी बातचीत नहीं हो पाई है। हालांकि इतना जरूर है कि जिस पोलिश पर्वतारोही की बृहस्पतिवार रात को पहाड़ी से गिरने से मौत हो गई थी। उसकी डेड बॉडी लेकर टीम तपोवन बेस कैंप तक पहुंच गई होगी। उन्होंने बताया कि पोलिश पर्वतारोही लुकास्ज जॉन की मौत की सूचना पोलिश दूतावास के जरिए उनके परिजनों तक पहुंचा दी गई है।
ग्रजेगुज माइकल के जिंदा रहने की संभावनाएं कम
mountaineer
इसके बाद परिजनों की ओर से जो भी सूचना मिलेगी, उस आधार पर डेड बॉडी को पहुंचाने का काम किया जायेगा। वहीं दूसरी ओर 6200 मीटर ऊंचाई पर बेहोशी की हालत में पड़े दूसरे पोलिश पर्वतारोही ग्रजेगुज माइकल के जिंदा रहने की कम ही संभावनाएं बताई जा रही है।
हालांकि उसे रेस्क्यू करने के लिए एसडीआरएफ और निम के साथ आर्मी की टीम कोशिश कर रही है। आईजी गढ़वाल संजय गुंज्याल ने बताया कि शनिवार को सैटेलाइट फोन से संपर्क होने पर ही आगे की स्थिति साफ हो पायेगी। वहीं दूसरी ओर एनआईएम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल का भी रेस्क्यू के लिए गई एनआईएम की टीम से संपर्क नहीं हो पाया है।
दरअसल इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन के तत्वावधान में पोलैंड के पर्वतारोहियों का दल शिवलिंग पर्वत पर फतह करने के लिए 22 सितंबर को गंगोत्री से रवाना हुआ था। यहां से 24 सितंबर को दल तपोवन पहुंचा और 25 सितंबर को दल वहां से आगे बढ़कर 26 सितंबर को बेस कैंप होते हुए एडवांस बेस कैंप पहुंचा, लेकिन इसके बाद दल के दो सदस्य लुकास्ज जॉन व ग्रजेगुज माइकल बीमार पड़ गए।
बीते मंगलवार को दल का एक सदस्य वहां से वापस लौटकर उत्तरकाशी पहुंचा। इसकी सूचना उसने पोलैंड के दूतावास को दी, तो विदेश मंत्रालय के माध्यम से यह सूचना प्रशासन को मिली। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल की ओर से बुधवार को एसडीआरएफ के चार जवानों को पौलैंड के दो पर्वतारोहियों के साथ हेलीकाप्टर की सहायता से मौके के लिए रवाना किया गया। साथ ही आर्मी व एनआईएम की टीम भी इस अभियान में संयुक्त रूप से निकली थी।