देहरादून में आटा-दाल, चावल, चीनी समेत दूसरी खाने-पीने की चीजों के अब मनमाने दाम नहीं वसूले जा सकेंगे। खानपान की वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित रखने के लिए जिले में टास्क फोर्स का गठन हो गया है।
खाद्य सामग्री की अधिक कीमतें वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। टास्क फोर्स से तीन दिन के अंदर कीमतों के संबंध में आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
मनमाना दाम वसूली तो कार्रवाई
शहरी क्षेत्र में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम नियंत्रित रखने के लिए टास्क फोर्स की कमान सिटी मजिस्ट्रेट जीसी गुणवंत को दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित एसडीएम कमान संभालेंगे।
अगर कोई मनमाने दाम वसूलेगा तो टास्क फोर्स उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। कार्रवाई विभिन्न अधिनियम की धाराओं के तहत की जाएगी।
डीएम की निगरानी में करेगी काम
प्राइस कंट्रोल टास्क फोर्स जिलाधिकारी चंद्रेश कुमार यादव की निगरानी में काम करेगी। इसका प्रभारी एडीएम प्रशासन झरना कमठान को बनाया गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद टास्क फोर्स का गठन कर दिया गया।
एसडीएम को प्राइस मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी देने के संबंध में शासन ने 2004 में आदेश जारी किया था। एसडीएम को पत्र तो जारी कर दिए गए थे लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ था।
प्रतिदिन होगी निगरानी
टास्क फोर्स में मंडी सचिव, खाद्य निरीक्षक, सहायक कृषि अधिकारी आदि अफसर शामिल हैं। ये प्रतिदिन मार्केट का सर्वेक्षण करके जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगे। सर्वेक्षण के दौरान अलग-अलग स्थानों पर दाल, चावल, गेहूं, दूध आदि सामान की कीमतों का पता किया जाएगा।
गेहूं, दाल, चावल आदि के दामों में बहुत अधिक फर्क नहीं होता है। सब्जी, फल आदि के दामों में फर्क होता है। जहां जानकारी मिलेगी वहां के फल, सब्जी व्यापारी संगठनों से बात की जाएगी कि किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
-जीसी गुणवंत, सिटी मजिस्ट्रेट