राजधानी देहरादून में डेंगू फैलाने वाला मच्छर एडीज एजिप्टाई ज्यादा ‘ताकतवर’ हो गया है। स्वास्थ्य विभाग मान रहा था कि सर्दियां आते ही मच्छर के निष्क्रिय होने से डेंगू पर रोकथाम लग जाएगी। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा।
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पारा 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे आने के बावजूद उत्तराखंड समेत यूपी के सहारनपुर, बिजनौर से डेंगू के रोगी आ रहे हैं। रोगियों का आंकड़ा न घटने से वेक्टर बोर्न अभियान के जिम्मेदार परेशान हैं।
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महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. जीएस जोशी का कहना है कि जो हालात हैं, वे यही इशारा कर रहे हैं कि एडीज एजिप्टाई मच्छर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ गई है।
लारवा है ज्यादा खतरनाक
डॉ. जीएस जोशी का कहना है कि यह मच्छर जगह-जगह लारवा छोड़ता है। लारवा एक-डेढ़ साल तक जिंदा रहता है। नमी मिलते ही अंडे से मच्छर निकल आते हैं। अगर लारवा में डेंगू वायरस हो तो उसके मच्छर बनने के बाद वायरस उसमें भी बने रहेंगे। ये मच्छर जिसे काटेंगे, उसे रोग हो जाएगा चाहे मौसम कोई भी हो।
रखें ख्याल
- हाई प्रोटीनयुक्त भोजन लें
- मौसमी फलों का सेवन अवश्य करें
- हरी सब्जियां लें
- हर तीन महीने में स्वास्थ्य जांच कराएं
- योग-प्राणायाम अवश्य करें
- ताजा हवा में गहरी सांस लें
कहां कितने मरीज
अस्पताल - रोगी
सीएमआई - 20
दून अस्पताल - 11
महंत इंदिरेश - 24
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