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चहेतों के लिए शिक्षा विभाग ने तोड़ी आचार संहिता

अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 15 Apr 2014 10:57 AM IST
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उत्तराखंड में अनुरोध के आधार पर तबादला पा चुके लगभग डेढ़ हजार शिक्षकों को जहां आचार संहिता बताकर रिलीव नहीं किया जा रहा है, वहीं कुछ चहेते शिक्षक रिलीव होकर ज्वाइनिंग पा चुके हैं।
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यह हाल तब है, जबकि शिक्षा निदेशक ने बगैर रिलीवर के शिक्षकों को रिलीव न करने के आदेश दिए हैं। प्रदेश में डेढ़ हजार से अधिक शिक्षकों का अनुरोध के आधार पर तबादला हुआ है।

तबादला पा चुके इन शिक्षकों को एक अप्रैल को नए शिक्षा सत्र में नई तैनाती पर ज्वाइन करना था, लेकिन चुनाव आचार संहिता लगने के बाद शिक्षकों के तबादले लटक गए।
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वहीं इस बीच शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया गया कि बगैर रिलीवर के किसी भी शिक्षक को रिलीव न किया जाए।

शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल की ओर से यह आदेश गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अपर शिक्षा निदेशकों को जारी किया गया। लेकिन, विभाग के इस आदेश के बावजूद कुछ शिक्षक नई तैनाती पर ज्वाइन कर चुके हैं।

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जीआईसी चंबा टिहरी से एक शिक्षक का तबादला जीआईसी बुल्लावाला में कर उन्हें ज्वाइन कराया जा चुका है।


सूत्रों की मानें तो टिहरी जनपद से ही इस तरह दस शिक्षकों को दून के विभिन्न स्कूलों में ज्वाइन कराया गया है। वहीं दून में भी इक्का दुक्का शिक्षकों को इधर से उधर किया गया है।

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शिक्षकों का उस समय तबादला हुआ था, जब आचार संहिता नहीं लगी थी, लेकिन अब आचार संहिता लगी है और शिक्षा निदेशक के भी निर्देश हैं कि बगैर रिलीवर के शिक्षकों को रिलीव न किया जाए। इसके बावजूद इस तरह से शिक्षक रिलीव हो रहे हैं तो संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपलों से जवाब तलब किया जाएगा।
- एनएस राणा, अपर शिक्षा निदेशक

शिक्षक रिलीव होकर आया है तो उसे ज्वाइन तो कराना ही था। शिक्षक ने डीएम टिहरी को लिखकर दिया है कि चुनाव में उसकी ड्यूटी लगी तो वह ड्यूटी के लिए लौट आएगा।
- अंबिका प्रसाद उनियाल, प्रिंसिपल जीआईसी बुल्लावाला
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