11केवी की हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से झोपड़ी में रह रहे नेपाली मजदूर और उसकी विवाहित बेटी की मौत हो गई, जबकि दामाद भी झुलस गया। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
सोमवार रात नारायणबगड़ और थराली के बीच गुजर रही 11केवी की हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर मींग गदेरा के पास सड़क निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की झोपड़ी पर जा गिरा। झोपड़ी पर कुछ गिरने की आवाज सुनकर वीर बहादुर (60) और उसकी विवाहित बेटी बसंती देवी (30) और दामाद राजेश झोपड़ी से बाहर आ रहे थे कि करंट की चपेट में आ गए।
करंट से वीर बहादुर और बसंती की मौके पर मौत हो गई, जबकि राजेश आंशिक रूप से झुलस गया। तीनों मजदूर मींग गदेरा-डांगतोली मोटर मार्ग के निर्माण कार्य में मजदूरी करते थे। सूचना पर मंगलवार सुबह थानाध्यक्ष एसबी जोशी और ऊर्जा निगम के जेई जेएस रावत मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जगह-जगह बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हैं जो कभी भी टूट सकती हैं, लेकिन विभाग सब कुछ जानने के बावजूद तारों को बदलने की जहमत नहीं उठा रहा है।
ईई ऊर्जा निगम डीएस चौधरी का कहना है कि मामले की जांच में यदि ऊर्जा निगम की गलती पाई गई तो विभागीय स्तर पर पीड़ितों कोे दो लाख रुपये तक दिए जाने का प्रावधान है।