मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि इंदिरा हृदयेश ने प्रदेश में काफी काम किया है। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनके नाम पर प्रदेश में कुछ न कुछ किया जाएगा। आईएसबीटी सहित उनके अन्य अधूरे कार्यों को पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत इंदिरा हृदयेश को श्रद्धांजलि देने के लिए सोमवार की सुबह हल्द्वानी पहुंचे। उनका हेलिकॉप्टर आठ बजकर 29 मिनट पर गौलापार स्टेडियम में उतरा। आठ बजकर 35 मिनट पर वह नेता प्रतिपक्ष के आवास पर पहुंचे। उन्होंने इंदिरा हृदयेश के बेटे सुमित हृदयेश को ढाढ़स बंधाया।
पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि इंदिरा जी का जाना प्रदेश के लिए बड़ी क्षति है। इसकी भरपाई करना मुश्किल है। वह हमेशा प्रदेश के विकास के लिए लड़तीं थीं। वह बड़ी बहन के रूप में बराबर उनका हौसला बढ़ातीं थीं। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली की राजनीति में भी उनकी अच्छी पकड़ थी। चार दिन पहले उनसे कोविड के मुद्दे पर बातचीत हुई थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनसे 10-12 बार कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी। लॉकडाउन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में बैठक के बाद निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के आने से पहले भीड़ को पुलिस ने हटाया
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के आने से चंद मिनट पहले ही पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को हटाया। श्रद्धांजलि देने के लिए वहां भीड़ जमा हो गई थी। इंदिरा हृदयेश के आवास पर करीब दस मिनट रहने के बाद मुख्यमंत्री देहरादून के लिए चले गए।