हरिद्वार के पथरी क्षेत्र स्थित गांव बहादरपुर जट में छापा मारने पहुंची देहरादून से आई ऊर्जा निगम की विजिलेंस टीम को ग्रामीणों ने साढ़े तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। ग्रामीणों ने टीम पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए उनके साथ धक्कामुक्की की और सरकारी कैमरे तोड़ दिए। करीब साढ़े तीन घंटे तक पुलिस टीम ने उसे ग्रामीणों की कैद से मुक्त कराया।
शुक्रवार की दोपहर ऊर्जा निगम के एसडीओ वीके जोशी की अगुवाई में विजिलेंस टीम के सदस्यों सहायक अभियंता राजपाल, निरीक्षक उमा मधवाल, एसआई हरिमन पोखरियाल ने बहादरपुर गांव में कई घरों में छापे मारे। इसके बाद टीम पूर्व प्रधान असगर के घर पहुंची।
विजिलेंस की टीम बिजली चोरी की जांच कर ही रही थी कि ग्रामीणों ने घर में चेकिंग के दौरान महिलाओं का वीडियो बनाने और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर छापा मारने का आरोप लगाते हुए टीम को बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने टीम के साथ धक्का मुक्की कर दी और कैमरा छीनकर जमीन पर पटक कर तोड़ डाला।
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पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर टीम को कराया मुक्त
विजिलेंस टीम को बंधक बनाने के बाद ग्रामीणों से वार्दा करते एसओ
- फोटो : AmarUjala
इसी बीच किसी ने विजिलेंस टीम के बंधक बनाए जाने की सूचना पुलिस को दे दी। सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। एसओ चंद्रभान सिंह फोर्स के साथ गांव पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में भी ग्रामीणों ने विजिलेंस टीम पर आरोपों की झड़ी लगा दी। एसओ ने जैसे-तैसे ग्रामीणों को समझा बुझाकर साढ़े तीन घंटे बाद विजिलेंस टीम को मुक्त कराते हुए पूर्व प्रधान के घर से बाहर निकाला।
एसओ ने बताया कि इस संबंध में कोई शिकायत अभी विजिलेंस टीम ने नहीं की है। शिकायत मिली तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्रीय विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने भी गांव में पहुंचकर टीम की कार्रवाई का विरोध किया और लोगों को समझा बुझाकर उनका गुस्सा शांत कराया।
निगम ने मांगी घटना की विस्तृत रिपोर्ट
‘ऊर्जा निगम और विजिलेंस को क्षेत्र में बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थी। शिकायत पर ऊर्जा निगम के स्थानीय अफसरों के साथ विजिलेंस की टीम रूटीन चेकिंग पर वहां गई थी। इसका क्षेत्र के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं का वीडियो बनाने और छेड़छाड़ के आरोप निराधार हैं। फिर भी ऊर्जा निगम के स्थानीय अधिकारियों से घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।’
-जीसी ध्यानी, पुलिस अधीक्षक विजिलेंस (ऊर्जा निगम)