समाजसेवी अन्ना हजारे के उम्मीदवारों की लिस्ट बेशक जारी नहीं हुई है, लेकिन उनके चुनाव प्रचार का खाका तैयार कर लिया गया है। पदयात्रा, डोर-टू-डोर कैंपन, नुक्कड़ सभाएं जैसे प्रचार के तमाम पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करने के साथ उम्मीदवारों को ऑनलाइन चौपाल भी लगानी होगी।
दरअसल, लोक सभा चुनाव के लिए समय की कमी को देखते हुए अन्ना के सहयोगी इस रणनीति पर काम कर रहे हैं। टीम अन्ना इसे युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने का कारगर तरीका मान रही है।
इसके तहत हर उम्मीदवार को रोजाना शाम 5-6 बजे के बीच सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर मौजूद रहेगा। अकाउंट तृणमूल कांग्रेस का इस्तेमाल किया जाएगा।
17 मुद्दों पर बात करेंगे ये उम्मीदवार
अपने इलाके में तकनीक प्रेमी मतदाताओं से उम्मीदवार न सिर्फ अन्ना के राष्ट्रीय महत्व के 17 मुद्दों पर उम्मीदवार बात करेगा, बल्कि पार्टी व प्रचार से जुड़ी दूसरी जानकारियां भी साझा करेगा।
टीम का दावा है कि देश भर में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब किसी पार्टी का उम्मीदवार सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर चौपाल लगाने जा रहा है। चुनाव जीतने के बाद भी यह क्रम जारी रहेगा।
बता दें कि आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीएमसी) के सियासी मंच से अन्ना हजारे लोकसभा चुनाव में प्रचार करने जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ अन्ना की पहली रैली 12 मार्च को रामलीला मैदान से होगी।
अन्ना-मिथुन हर सीट का करेंगे दौरा
टीएमसी रैली में पांच लाख लोगों के जुड़ने का दावा कर रही है। चुनाव समिति के संयोजक विनोद सिंह के मुताबिक, अन्ना रामलीला मैदान के मंच से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करेंगे। इसके बाद अन्ना का सघन प्रचार अभियान शुरू होगा।
पश्चिम बंगाल से बाहर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के साथ अन्ना हजारे ऐसी सभी सीटों पर न्यूनतम एक बार प्रचार करने जाएंगे, जहां पार्टी का उम्मीदवार चुनाव मैदान में होगा। वहीं, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी व अभिनेत्री मुनमुन सेन भी साथ होंगी।
अगर जरूरी हुआ तो ममता-मुनमुन दूसरे राज्यों का दौरा भी करेंगी। खास तौर से बंगाली बहुल सीटों से। इसके अलावा राज्य स्तर पर होने वाली बड़ी रैलियों में अन्ना-ममता साथ-साथ मंच साझा करेंगे।