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अंजुमन-ए-हैदरी ने निकाला कैंडल मार्च

ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 04 Jul 2014 02:58 AM IST
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ईराक में आतंकवादी घटनाओं के विरोध में बृहस्पतिवार को अंजुमन-ए-हैदरी ने करबला से पीएम हाउस तक कैंडल मार्च का आयोजन किया, लेकिन सुरक्षा कारणों से जोरबाग मेट्रो स्टेशन पर ही उन्हें रोक दिया गया।
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एहतियात के तौर पर जोरबाग, आईएनए और रेसकोर्स मेट्रो स्टेशन को शाम के समय कुछ देर के लिए बंद रखा गया। हालांकि डीएमआरसी ने केवल जोरबाग मेट्रो स्टेशन ही बंद होने की पुष्टि की।

रात 8.30 बजे जोरबाग स्थित करबला में इकत्रित होने के बाद लोगों ने कैंडल मार्च शुरू किया। लेकिन करबला से निकलते ही सुरक्षा कारणों से मार्च को जोरबाग मेट्रो स्टेशन के पास बेरीकेड लगाकर पुलिस ने रोक दिया।
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मार्च के दौरान अंजुमन के लोग ईराक में हो रहे अत्याचारों केे खिलाफ केंद्र सरकार से दखल देने की मांग कर रहे थे। वे भारत से अंजुमन के कुछ लोगों को वॉलंटियर्स के रूप में ईराक में घायल व जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए भेजने की भी मांग कर रहे थे।

इसके अलावा ईराक में फंसे भारतीयों को देश वापस लाने के लिए केंद्र सरकार से कड़ा कदम उठाने की जरूरत बताई। अंजुमन के मीडिया प्रभारी सैयद बिलाल ने बताया कि ईराक आईएसआईएस के आतंकी न तो सुन्नी और न शिया।

वह तो एक खास मकसद और मुल्क के इशारे पर शिया-सुन्नी कौम को आपस में लड़वाना चाहते हैं।

बिलाल ने बताया कि मौलाना कल्बे जव्वाद के आह्वान पर ईराक में धार्मिक स्थलों की रक्षा व लोगों की सेवा करने के लिए करीब एक लाख वॉलंटियर्स ने वहां जाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। अंजुमन मांग करती है कि इनको ईराक जाने की अनुमति दी जाए। मार्च में मौलाना कासिम, तालिब, आबिद और मौलाना हसन समेत कई उलेमा (धर्मगुरु) मौजूद थे।
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