राजधानी में कोरोना संक्रमण के रोजाना औसतन चार हजार से ज्यादा मामले आ रहे हैं। बढ़ते केस के बीच सामुदायिक फैलाव की भी आशंका जताई जा रही है।
इस पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि इस समय देश और दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए सामुदायिक फैलाव मान लेना चाहिए था, लेकिन केंद्र सरकार या भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ही इस पर कुछ बता सकते हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए जैन ने कहा कि सामुदायिक फैलाव एक तकनीकी शब्द है। इस विषय में वैज्ञानिक ही सही तरीके से बता सकते हैं। इस पर निर्णय केंद्र सरकार को ही लेना है। राजधानी में कोरोना संक्रमण के हालात पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली में संक्रमण के मामले भले ही बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके अन्य सभी मानक काबू में हैं।
संक्रमण दर लगातार कम हो रही है। पिछले 10 दिन में मृत्युदर भी एक फीसदी से कम है। जांच बढ़ने से ही मामले बढ़ रहे हैं। उम्मीद है कि अगले एक से दो सप्ताह में दैनिक मामलों में कमी आने लगेगी।
500 से अधिक और आईसीयू बेड उपलब्ध
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 मरीजों के लिए अब निजी अस्पतालों में 500 से अधिक अतिरिक्त आईसीयू बेड उपलब्ध हैं। हाल में सरकार ने एक आदेश जारी किया था कि निजी अस्पतालों में 80 फीसदी से ज्यादा बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएं। आदेश के बाद ही आईसीयू बेड की संख्या में इजाफा हो गया है।
कंटेनमेंट जोन के विषय में उन्होंने कहा कि रेड जोन में संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए सरकार अपनी रणनीति पर विचार करेगी और इसको लेकर नई पॉलिसी पर काम किया जाएगा।